📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Navy
रक्षा
कैबिनेट ने 40,000 करोड़ की मंजूरी दी, 8 नई कोरवेट्स का निर्माण GRSE और गोवा शिपयार्ड करेंगे
✍️ The Economic Times
🗓 30 अक्टू. 2026, 05:10 PM
👁 20
केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय नौसेना के लिए 8 नई पीढ़ी की कोरवेट्स के निर्माण हेतु 40,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर किया, निर्माण GRSE और गोवा शिपयार्ड करेंगे।
नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना के लिए 8 नई पीढ़ी की कोरवेट्स के निर्माण हेतु 40,000 करोड़ रुपये के रक्षा प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। यह परियोजना नौसेना के सतही बेड़े को सुदृढ़ करने और भारतीय समुद्री क्षेत्र में संचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
रक्षा मंत्रालय ने निर्माण कार्य दो सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड को सौंपा: कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड। दोनों संस्थाओं को स्टेल्थ प्रोफ़ाइल, आधुनिक सेंसर और मिसाइल सिस्टम वाले आधुनिक कोरवेट्स का निर्माण करने का काम दिया गया है।
यह मंजूरी नौसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पुराने प्लेटफ़ॉर्म को बदलने और स्वदेशी शिपबिल्डिंग क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है। विस्तृत डिज़ाइन और उत्पादन समय‑सारिणी आने वाले हफ़्तों में तय की जाएगी, और पहली कोरवेट अगले दो वर्षों के भीतर लॉन्च होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सुदृढ़ करेगा और शिपबिल्डिंग सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने निर्माण कार्य दो सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड को सौंपा: कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड। दोनों संस्थाओं को स्टेल्थ प्रोफ़ाइल, आधुनिक सेंसर और मिसाइल सिस्टम वाले आधुनिक कोरवेट्स का निर्माण करने का काम दिया गया है।
यह मंजूरी नौसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पुराने प्लेटफ़ॉर्म को बदलने और स्वदेशी शिपबिल्डिंग क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है। विस्तृत डिज़ाइन और उत्पादन समय‑सारिणी आने वाले हफ़्तों में तय की जाएगी, और पहली कोरवेट अगले दो वर्षों के भीतर लॉन्च होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सुदृढ़ करेगा और शिपबिल्डिंग सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा।