📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ganesh Dhamodkar
राजनीति
बीएसपी का एकमात्र विधायक निधन, 37 वर्षों के बाद सभी संसद सीटें खोने के कगार पर
✍️ bhaskarenglish.in
🗓 16 अग. 2026, 06:18 PM
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बीएसपी के एकमात्र विधायक के निधन के बाद पार्टी ने अपनी एकमात्र विधानसभा सीट खो दी है, जिससे 37 वर्षों के बाद सभी संसद सीटें खोने का खतरा बढ़ गया है।
बीएसपी के एकमात्र विधायक के निधन के बाद पार्टी की विधानसभा में एकमात्र सीट समाप्त हो गई है, जिससे 37 वर्षों के बाद पार्टी के सभी संसद सीटें खोने का खतरा बढ़ गया है।
इस घटना के कारण एक बाय‑पोल शुरू हुआ है, जिसके माध्यम से पार्टी अपनी भविष्य की स्थिति तय करेगी। यदि पार्टी आगामी चुनाव में सीट नहीं जीत पाती है, तो वह संसद के दोनों सदनों में अपनी किसी भी सीट को खो देगी।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि बीएसपी की राष्ट्रीय संसद में दीर्घकालिक उपस्थिति अब जोखिम में है, क्योंकि राज्य विधानसभा में उसकी एकमात्र पकड़ समाप्त हो गई है। पार्टी के नेतृत्व ने बाय‑पोल में भाग लेने और संसद में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए शीघ्र कदम उठाने का आह्वान किया है।
इस मृत्यु के साथ ही एक राजश्री सभा सांसद का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है, जिससे पार्टी के सामने और चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। बीएसपी को संसद के दोनों सदनों में अपनी पूर्ण उपस्थिति खोने से बचने के लिए तुरंत संसाधनों को जुटाने की आवश्यकता है।
इस घटना के कारण एक बाय‑पोल शुरू हुआ है, जिसके माध्यम से पार्टी अपनी भविष्य की स्थिति तय करेगी। यदि पार्टी आगामी चुनाव में सीट नहीं जीत पाती है, तो वह संसद के दोनों सदनों में अपनी किसी भी सीट को खो देगी।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि बीएसपी की राष्ट्रीय संसद में दीर्घकालिक उपस्थिति अब जोखिम में है, क्योंकि राज्य विधानसभा में उसकी एकमात्र पकड़ समाप्त हो गई है। पार्टी के नेतृत्व ने बाय‑पोल में भाग लेने और संसद में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए शीघ्र कदम उठाने का आह्वान किया है।
इस मृत्यु के साथ ही एक राजश्री सभा सांसद का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है, जिससे पार्टी के सामने और चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। बीएसपी को संसद के दोनों सदनों में अपनी पूर्ण उपस्थिति खोने से बचने के लिए तुरंत संसाधनों को जुटाने की आवश्यकता है।