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04 नव. 2026•
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अपराध

BSF जवानों की पिटाई और हथियार छीनने की घटना पर उठे सवाल, सुरक्षाबलों पर जनता का विश्वास टूटने का खतरा

✍️ रिपोर्टर: Kanhaiya Kumar Jha 🗓 04 नव. 2026, 06:49 AM 👁 14
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आठ सशस्त्र BSF जवानों की भयंकर पिटाई, वाहन तोड़ने और हथियार छीनने की घटना को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। इस घटना से सुरक्षाबलों की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है और जनता का विश्वास टूटने का खतरा पैदा हो गया है।

हालिया घटनाक्रम में आठ सशस्त्र बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स (BSF) जवानों की अत्यंत भयंकर तरीके से पिटाई की गई। इस दौरान न केवल BSF का वाहन तोड़ा गया, बल्कि जवानों के शस्त्र भी छीन लिए गए। इस घटना की प्रकृति इतनी गंभीर है कि इससे सरकार और सुरक्षाबलों पर जनता का विश्वास टूटने का खतरा पैदा हो गया है।

घटना में BSF जवानों को अपमानजनक तरीके से यात्रियों के हाथों पिटाई का सामना करना पड़ा, जबकि उन्होंने एक भी हवाई फायर करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। इससे सुरक्षाबलों की दयनीय हालत प्रकट हुई है, जिससे देश के नागरिक हतोत्साहित हो रहे हैं। ऐसे सुरक्षाबलों पर भविष्य में जनता का विश्वास रखना कठिन हो जाएगा, जिनके हथियार छीने जा सकें और वे बिना किसी प्रतिरोध के पिटाई का शिकार बनें।

इस घटना के बाद आलोचना की गई है कि यदि BSF जैसे एक सशस्त्र बल की स्थिति इतनी नाजुक है, तो इनके जवानों को बंदूक देकर साधारण चौकीदार की नौकरियां देना अधिक उपयुक्त होगा। इस घटना ने BSF के माथे पर कायरता का टीका लगा दिया है, जो सुरक्षा एजेंसी की प्रतिष्ठा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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