📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
बिज़नेस
ब्रह्मपुत्र जलमार्ग से धाका तक माल परिवहन से असम के निर्यात में बढ़ोतरी, लागत में कमी
✍️ Hub News
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:19 PM
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ब्रह्मपुत्र के नए मालवाहन मार्ग से धाका तक असम के निर्यात में नई संभावनाएँ खुलेंगी और परिवहन लागत घटेगी, राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा।
असम सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के साथ एक जलमार्ग मालवाहन कॉरिडोर का उद्घाटन किया है, जो सीधे बांग्लादेश के धाका से जुड़ता है। यह मार्ग कृषि उत्पाद, खनिज और निर्मित वस्तुओं जैसे भारी माल को ले जाने के लिए तैयार किया गया है, जिससे सड़क और रेल परिवहन के विकल्प उपलब्ध होते हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सार्मा ने बताया कि इस मार्ग से स्थानीय निर्माताओं को नई निर्यात संभावनाएँ मिलेंगी और लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे असमी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जल परिवहन में लागत कम और भीड़ कम होती है।
व्यापार अधिकारियों का मानना है कि यह कॉरिडोर दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और किनारे पर वेयरहाउसिंग व हैंडलिंग सुविधाओं में निजी निवेश को आकर्षित करेगा। आवश्यक अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पहले व्यावसायिक शिपमेंट कुछ ही हफ्तों में शुरू होने की संभावना है।
उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि इस पहल से लॉजिस्टिक्स, पोर्ट सेवाओं और संबंधित उद्योगों में रोजगार सृजन होगा, साथ ही भारत‑बांग्लादेश कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के तहत समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सार्मा ने बताया कि इस मार्ग से स्थानीय निर्माताओं को नई निर्यात संभावनाएँ मिलेंगी और लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे असमी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जल परिवहन में लागत कम और भीड़ कम होती है।
व्यापार अधिकारियों का मानना है कि यह कॉरिडोर दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और किनारे पर वेयरहाउसिंग व हैंडलिंग सुविधाओं में निजी निवेश को आकर्षित करेगा। आवश्यक अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पहले व्यावसायिक शिपमेंट कुछ ही हफ्तों में शुरू होने की संभावना है।
उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि इस पहल से लॉजिस्टिक्स, पोर्ट सेवाओं और संबंधित उद्योगों में रोजगार सृजन होगा, साथ ही भारत‑बांग्लादेश कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के तहत समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।