Religion
बलिया के रामजानकी मंदिर में जया किशोरी की श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, तीन मंत्री उपस्थित
बलिया के बाहर हनुमानगंज के गाँव छोड़हर में रामजानकी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का पहला दिन बड़ी भीड़ और तीन राज्य मंत्री के उपस्थिति में सफल रहा।
बलिया से लगभग चार किलोमीटर दूर हनुमानगंज क्षेत्र के गाँव छोड़हर (गजियापुर) स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का सात दिवसीय भव्य शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी के प्रवचन को सुनने के लिए श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी और कार्यक्रम की शुरुआत से ही भक्तियों का उत्साह स्पष्ट दिखा।
इस धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के तीन प्रमुख मंत्री—परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर—उपस्थित रहे। इनके अलावा पूर्व मंत्री नारद राय, छट्टू राम, कमलेश सिंह, अरुण सिंह बंटू, दिनेश सिंह, सुनील सिंह और अरविंद गांधी सहित कई गणमान्य लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
जया किशोरी ने अपनी सहज वाणी और मधुर भजनों से कथा को जीवंत बना दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक महत्व, भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और जीवन में अच्छे कर्मों के संदेश को बड़े प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कथा के मध्य में उनके द्वारा गाए गए भजन ने माहौल को और अधिक भक्तिमय कर दिया, जिससे श्रद्धालु धुन पर झूमते दिखे।
सात दिनों तक चलने वाली इस कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। पहले दिन की भीड़ ने कार्यक्रम के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उत्साह को प्रदर्शित किया, और आगामी दिनों में भी कथा और भजन संगीत के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना रहने की उम्मीद है।
पहले दिन की समाप्ति पर रामजानकी मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा, जहाँ श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।
इस धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के तीन प्रमुख मंत्री—परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर—उपस्थित रहे। इनके अलावा पूर्व मंत्री नारद राय, छट्टू राम, कमलेश सिंह, अरुण सिंह बंटू, दिनेश सिंह, सुनील सिंह और अरविंद गांधी सहित कई गणमान्य लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
जया किशोरी ने अपनी सहज वाणी और मधुर भजनों से कथा को जीवंत बना दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक महत्व, भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और जीवन में अच्छे कर्मों के संदेश को बड़े प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कथा के मध्य में उनके द्वारा गाए गए भजन ने माहौल को और अधिक भक्तिमय कर दिया, जिससे श्रद्धालु धुन पर झूमते दिखे।
सात दिनों तक चलने वाली इस कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। पहले दिन की भीड़ ने कार्यक्रम के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उत्साह को प्रदर्शित किया, और आगामी दिनों में भी कथा और भजन संगीत के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना रहने की उम्मीद है।
पहले दिन की समाप्ति पर रामजानकी मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा, जहाँ श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।