🔥 TRENDING भोर शहरातील जीर्ण झाडांच्या छाटणीसाठी... દાંતા તાલુકાના વિકાસ માટે ઋષિકેશ પટેલ... शौचालय निर्माण का पैसा न मिलने पर बुजु... भरतपुर सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने केल... ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਕਾਂਡ 'ਚ ਵੱਡੀ ਕਾਰ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी की शिक्षा व्...
14 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बलिया फोक फेस्टिवल: लोकरस संस्थान ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प दोहराया
Local

बलिया फोक फेस्टिवल: लोकरस संस्थान ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प दोहराया

✍️ Reporter: ANAND KUMAR PANDEY 🗓 14 Oct 2026, 12:30 PM 👁 14
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बलिया में लोकरस सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय बलिया फोक फेस्टिवल का समापन हो गया है। संस्थान ने इस आयोजन के माध्यम से भोजपुरी भाषा, लोकगीत, लोककला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

बलिया, उत्तर प्रदेश: लोकरस सांस्कृतिक संस्थान, मिश्रवलिया, मैरीटार, बलिया के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय बलिया फोक फेस्टिवल का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। संस्थान के अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्र, जो एक लोकगायक भी हैं, ने इस आयोजन में शामिल हुए सभी सम्मानित अतिथियों, साहित्यकारों, कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों, समाजसेवियों, पत्रकार बंधुओं और भोजपुरी प्रेमियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भोजपुरी भाषा, लोकगीत, लोकसंगीत, लोककला, लोकसंस्कृति और लोकसाहित्य के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक सार्थक प्रयास था।

कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित साहित्यिक समागम में साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों के विचारों, अनुभवों और रचनात्मक योगदान से आयोजन की गरिमा बढ़ी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की माननीय विधायक श्रीमती केतकी सिंह जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। विधायक सिंह की उपस्थिति और प्रोत्साहन को प्रेरणादायक बताया गया। इंजीनियर वीरेंद्र पाठक टून जी, कनक पाण्डेय जी और श्री धर्मेंद्र सिंह जी का भी विशेष आभार व्यक्त किया गया।

दूसरे दिन के सांस्कृतिक समागम में कलाकारों, लोकगायकों, सांस्कृतिक दलों और प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को लोकसंस्कृति के रंग में सराबोर कर दिया। कोलकाता से फूलेंद्र पंडित, विजन एकेडमी बांसडीह, बीएनएसडी गाजीपुर, एक्सप्रेशन कल्चरल सोसाइटी बलिया, संकल्प साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था बलिया सहित सभी सहभागी संस्थाओं और कलाकारों को धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने अपनी कला और प्रतिभा से इस आयोजन को यादगार बनाया।

लोकरस संस्थान ने आयोजन की तैयारी से लेकर मंच संचालन, अतिथि सत्कार, प्रचार-प्रसार और व्यवस्था तक में लगे सभी साथियों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और शुभचिंतकों के अमूल्य योगदान की सराहना की। मीडिया के साथियों को भी धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने आयोजन की खबरों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान का मानना है कि संस्कृति का संरक्षण केवल मंच पर कार्यक्रम आयोजित करने से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सहभागिता, नई पीढ़ी के जुड़ाव और अपनी भाषा-संस्कृति के प्रति गर्व की भावना से संभव है। बलिया फोक फेस्टिवल इस दिशा में एक छोटा, परंतु महत्वपूर्ण कदम रहा। संस्थान भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भोजपुरी भाषा और लोकपरंपरा की समृद्ध विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रखेगा।
📲Get App