स्वास्थ्य
बालाघाट में आरबीएसके योजना से 165 बच्चों की पहचान, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में होगा निःशुल्क ऑपरेशन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बालाघाट जिले में हर्निया और हाइड्रोसील से पीड़ित 165 बच्चों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें से 10 बच्चों को सर्जरी के लिए जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बालाघाट जिले के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। जांच के बाद आवश्यकतानुसार बच्चों को सर्जरी के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जा रहा है, जिनके उपचार के बाद वे स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं।
कलेक्टर श्री आदित्य सिंह के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के मार्गदर्शन में आरबीएसके की टीम द्वारा जिले में बच्चों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में टीम ने हर्निया एवं हाइड्रोसील से पीड़ित 165 बच्चों का चिन्हांकन किया है। इन बच्चों की आवश्यक जांच के बाद सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रत्येक सोमवार और बुधवार को बच्चों की जांच कर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जा रहा है।
31 अक्टूबर को चौथी बार 10 बच्चों को जिला चिकित्सालय बालाघाट में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शुभम लिल्हारे द्वारा आवश्यक जांच एवं फिटनेस परीक्षण के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इन बच्चों की सर्जरी की जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया ने बताया कि आरबीएसके के जिला प्रबंधक श्री राजाराम चक्रवर्ती द्वारा लगातार बच्चों को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) में बुलाकर आवश्यक जांच कराई जा रही है। जांच एवं फिटनेस सुनिश्चित करने के बाद बच्चों को मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा जाता है, जहां सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. विकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सर्जरी की जा रही है। आरबीएसके कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर श्री आदित्य सिंह के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के मार्गदर्शन में आरबीएसके की टीम द्वारा जिले में बच्चों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में टीम ने हर्निया एवं हाइड्रोसील से पीड़ित 165 बच्चों का चिन्हांकन किया है। इन बच्चों की आवश्यक जांच के बाद सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रत्येक सोमवार और बुधवार को बच्चों की जांच कर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जा रहा है।
31 अक्टूबर को चौथी बार 10 बच्चों को जिला चिकित्सालय बालाघाट में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शुभम लिल्हारे द्वारा आवश्यक जांच एवं फिटनेस परीक्षण के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इन बच्चों की सर्जरी की जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया ने बताया कि आरबीएसके के जिला प्रबंधक श्री राजाराम चक्रवर्ती द्वारा लगातार बच्चों को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) में बुलाकर आवश्यक जांच कराई जा रही है। जांच एवं फिटनेस सुनिश्चित करने के बाद बच्चों को मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा जाता है, जहां सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. विकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सर्जरी की जा रही है। आरबीएसके कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना है।