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23 Oct 2026•
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बालाघाट: कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, बैगा बहुल ग्राम बरखों में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 23 Oct 2026, 06:54 PM 👁 16
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत बालाघाट के कलेक्टर आदित्य सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण और टीकाकरण की स्थिति का जायजा लिया। बैगा जनजाति बहुल ग्राम बरखों में ग्रामीणों से संवाद कर पुल निर्माण और अन्य मांगों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

बालाघाट, 23 अक्टूबर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने बालाघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत पचपेढ़ी के ग्राम कुमझर एवं ग्राम पंचायत बटवा स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार, भोजन व्यवस्था, उपस्थिति, कुपोषण की स्थिति और टीकाकरण की जानकारी ली। इसके बाद वे ग्राम पंचायत मोहगांवखुर्द के बैगा जनजाति बहुल ग्राम बरखों पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि भोजन एवं नाश्ते के नमूने एक ही डिब्बे में रखे गए हैं, जिस पर उन्होंने दोनों नमूनों को अलग-अलग डिब्बों में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की दर्ज संख्या, गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) और मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) श्रेणी के बच्चों की जानकारी ली तथा निरीक्षण पंजी का अवलोकन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि एसएएम श्रेणी के बच्चों को उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में अनिवार्य रूप से भर्ती कराया जाए और बच्चों का नियमित वजन, ऊंचाई मापना तथा समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैगा जनजाति बहुल ग्राम बरखों में ग्रामीणों ने मोहगांव और बरखों के बीच मानकुंवर नाले पर पुलिया निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम शामिल करने, स्ट्रीट लाइट लगाने, आबादी की भूमि उपलब्ध कराने और नल-जल योजना शीघ्र शुरू करने की मांग रखी। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने आवास प्लस योजना की सूची ग्राम के सामुदायिक स्थल पर चस्पा कराने को भी कहा ताकि ग्रामीण सूची में अपना नाम देख सकें।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मुर्गीपालन और बकरीपालन जैसी गतिविधियां अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल सुधार तथा विभागीय योजनाओं के तहत दुधारू पशुओं के लिए ऋण संबंधी सहायता प्राप्त की जा सकती है। ग्राम की महिलाओं ने मुर्गीपालन और बकरीपालन में रुचि दिखाई, जबकि युवाओं ने स्वरोजगार के लिए सहायता मांगी। इस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग को अनुदान पर कृषि यंत्र वितरण की कार्रवाई करने तथा जनजातीय कार्य विभाग को स्वरोजगार योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए।
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