📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / CEphoto, Uwe Aranas
बिज़नेस
ब्लैकरॉक के सीओओ ने गुजरात के सीएम से भारत को वित्तीय केंद्र बनाने पर चर्चा की
✍️ Asianet Newsable
🗓 14 अक्टू. 2026, 08:01 AM
👁 15
ब्लैकरॉक के मुख्य संचालन अधिकारी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर भारत को विश्व वित्तीय केंद्र बनाने के उपायों पर चर्चा की।
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (एशियनएट न्यूज़ेबल) – विश्व की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के मुख्य संचालन अधिकारी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की, जिसमें भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में उन्नत करने के उपायों पर चर्चा हुई। इस बैठक में नीति समर्थन, बुनियादी ढाँचे का विकास और निवेश प्रोत्साहन जैसे पहलुओं को उजागर किया गया, जिससे वैश्विक वित्तीय कंपनियों को भारत में संचालन स्थापित करने के लिए आकर्षित किया जा सके।
दोनों पक्षों ने गुजरात की वित्तीय सेवाओं के लिए द्वार बन जाने की आकांक्षा को रेखांकित किया, राज्य के मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क और व्यापार‑मित्रता वाले सुधारों को प्रमुख कारण बताया। ब्लैकरॉक के प्रतिनिधि ने सीमा‑पार पूँजी प्रवाह को सुगम बनाने और भारत के बढ़ते निवेशक आधार का लाभ उठाने के लिए राज्य प्राधिकरणों के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई।
यह संवाद भारत के नीति निर्माताओं द्वारा देश को सिंगापुर और हांगकांग जैसे स्थापित वित्तीय हब के साथ प्रतिस्पर्धी बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। जबकि इस बैठक में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, यह भविष्य में गुजरात और पूरे भारत में वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए आगे के कदमों की राह प्रशस्त करेगा।
यह मुलाकात इस बात को दर्शाती है कि वैश्विक एसेट मैनेजर्स भारत के बाजार की संभावनाओं पर बढ़ती रुचि ले रहे हैं, जबकि भारत अपनी वैश्विक वित्तीय भूमिका को विस्तारित करने की दिशा में सक्रिय है।
दोनों पक्षों ने गुजरात की वित्तीय सेवाओं के लिए द्वार बन जाने की आकांक्षा को रेखांकित किया, राज्य के मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क और व्यापार‑मित्रता वाले सुधारों को प्रमुख कारण बताया। ब्लैकरॉक के प्रतिनिधि ने सीमा‑पार पूँजी प्रवाह को सुगम बनाने और भारत के बढ़ते निवेशक आधार का लाभ उठाने के लिए राज्य प्राधिकरणों के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई।
यह संवाद भारत के नीति निर्माताओं द्वारा देश को सिंगापुर और हांगकांग जैसे स्थापित वित्तीय हब के साथ प्रतिस्पर्धी बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। जबकि इस बैठक में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, यह भविष्य में गुजरात और पूरे भारत में वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए आगे के कदमों की राह प्रशस्त करेगा।
यह मुलाकात इस बात को दर्शाती है कि वैश्विक एसेट मैनेजर्स भारत के बाजार की संभावनाओं पर बढ़ती रुचि ले रहे हैं, जबकि भारत अपनी वैश्विक वित्तीय भूमिका को विस्तारित करने की दिशा में सक्रिय है।