📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Vyas
विज्ञान
गोंडरा वन्यजीव अभयारण्य में 50 साल बाद ब्लैकबक की वापसी
✍️ Adda247
🗓 08 नव. 2026, 04:17 AM
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छत्तीसगढ़ वन विभाग ब्लैकबक को गोंडरा वन्यजीव अभयारण्य में फिर से स्थापित करने की योजना बना रहा है, जहाँ यह प्रजाति पचास साल से नहीं देखी गई।
छत्तीसगढ़ वन विभाग ने घोषणा की है कि ब्लैकबक को गोंडरा वन्यजीव अभयारण्य में फिर से स्थापित किया जाएगा, जिससे इस प्रजाति की 50 साल की अनुपस्थिति समाप्त होगी। यह कदम क्षेत्र में पहले पाई जाने वाली घास के मैदानों के मूल जीवों को पुनर्स्थापित करने की दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति का हिस्सा है।
अधिकारियों ने निकटवर्ती संरक्षित क्षेत्रों से स्वस्थ डोनर जनसंख्या का चयन किया है और अभयारण्य के घास के मैदानों में सॉफ्ट‑रिलीज़ एन्क्लोजर तैयार कर रहे हैं। घास के मैदानों को उपयुक्त भोजन स्रोत बनाने के लिए नियंत्रित चराई और आक्रामक झाड़ियों की सफाई जैसी आवास सुधार कार्य चल रहे हैं।
इस पुनर्स्थापना से जैव विविधता में वृद्धि, पारिस्थितिक संतुलन में सुधार और इको‑टूरिज़्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निगरानी दल जीपीएस कॉलर और नियमित फील्ड सर्वेक्षण के माध्यम से ब्लैकबक की अनुकूलन और जीवित रहने की दर को ट्रैक करेंगे।
वन विभाग ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप है और उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती को हल करने के लिए वार्षिक समीक्षा की जाएगी।
अधिकारियों ने निकटवर्ती संरक्षित क्षेत्रों से स्वस्थ डोनर जनसंख्या का चयन किया है और अभयारण्य के घास के मैदानों में सॉफ्ट‑रिलीज़ एन्क्लोजर तैयार कर रहे हैं। घास के मैदानों को उपयुक्त भोजन स्रोत बनाने के लिए नियंत्रित चराई और आक्रामक झाड़ियों की सफाई जैसी आवास सुधार कार्य चल रहे हैं।
इस पुनर्स्थापना से जैव विविधता में वृद्धि, पारिस्थितिक संतुलन में सुधार और इको‑टूरिज़्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निगरानी दल जीपीएस कॉलर और नियमित फील्ड सर्वेक्षण के माध्यम से ब्लैकबक की अनुकूलन और जीवित रहने की दर को ट्रैक करेंगे।
वन विभाग ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप है और उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती को हल करने के लिए वार्षिक समीक्षा की जाएगी।