🔥 TRENDING દાહોદના સુખસર તાલુકાની સરસવા પ્રાથમિક... માંડવીના દઢવાડા દૂધ ઉત્પાદક સહકારી મંડ... Nagaland MLA Kikon says Sepaktakraw ca... Nagaland designer Robert Naorem presen... Draft Special Incremental Roll Release... Punjab High Court orders Chief Secreta...
22 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

बिक्रम में सहयोग शिविर से अधिकारी नदारद, कैसे होगा समस्याओं का समाधान

✍️ Reporter: Ankit Raj 🗓 22 Sep 2026, 07:58 PM 👁 11
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बिक्रम के खोरैठा में 19 विभागों के लगे थें स्टॉल, अधिकांश विभागों के अधिकारी-कर्मी रहे अनुपस्थित, बांट जोहते रह गए जनप्रतिनिधि

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर के करीब उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग शिविर मंगलवार को बिक्रम नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खोरैठा में महज औपचारिकता बनकर रह गया। शिविर में 19 विभागों के स्टॉल लगाए गए थें, लेकिन अधिकांश विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रहें। ऐसे में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से सुचित कुमार, पेयजल विभाग से दीपक कुमार, सामाजिक सुरक्षा विभाग से लीलावती कुमारी, लक्ष्मी देवी एवं ज्योति कुमारी, विद्युत विभाग से अरुण कुमार, नगर पंचायत से अजीत कुमार एवं अभय कुमार तथा पशुपालन विभाग से विवेक कुमार और रंजीत कुमार मौजूद रहे। इनके अलावा अन्य विभागों के स्टॉल पर संबंधित कर्मी अनुपस्थित मिले।

शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधि पूरे दिन मौजूद रहे। लेकिन विभिन्न विभागों के सक्षम अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण कई मामलों में लोगों को तत्काल समाधान या स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इससे शिविर की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं।

आलोक कुमार ने बताया कि वे सरकार की पहल पर आयोजित शिविर में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थें। उन्हें उम्मीद थी कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर उनकी शिकायत सुनेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। लेकिन कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से उनकी समस्याएं जस की तस रह गईं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसमस्याओं के समाधान के लिए इस तरह के शिविर आयोजित करना स्वागत योग्य पहल है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी भी निर्धारित समय पर शिविर में मौजूद रहें। लोगों ने कहा कि केवल आवेदन जमा कर लेना समस्या के समाधान की गारंटी नहीं हो सकता।

शिविर की व्यवस्था को लेकर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जब संबंधित विभाग के अधिकारी ही मौके पर मौजूद नहीं होंगे, तो जटिल मामलों में निर्णय कौन लेगा और फरियादियों को समाधान कौन देगा? लोगों ने प्रशासन से ऐसे शिविरों में अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से निष्पादन कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जनता तक प्रशासन को पहुंचाने की इस पहल की सफलता केवल स्टॉल लगाने से नहीं, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही और समस्याओं के वास्तविक समाधान से तय होगी।
📲Get App