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बांका जिला ने बिना लाइसेंस के सार्वजनिक पंडाल एवं मूर्ति स्थापना पर सख्त रोक लगाई
बांका जिले के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने शांति समिति में यह निर्णय लिया कि दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान बिना लाइसेंस के पंडाल एवं मूर्ति स्थापना पर रोक होगी।
बांका जिला प्रशासन ने आगामी दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान सार्वजनिक एवं निजी स्तर पर बिना लाइसेंस के मूर्ति स्थापना और पूजा पंडाल बनाने पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया। यह निर्णय जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिया गया।
प्रमुख दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल निर्माण या मूर्ति स्थापना के लिये संबंधित थाने से अग्रिम लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। बिना अनुमति के आयोजन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूजा, जुलूस या मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, तथा केवल निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुसार लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकता है, जिसके लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच भी प्रतिबंध रहेगा।
साथ ही प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहें फैलाने वालों पर साइबर पुलिस की 24‑घंटे निगरानी रखने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बड़े पूजा पंडालों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती को अनिवार्य किया गया है।
मूर्ति विसर्जन के लिये प्रशासन द्वारा पहले से निर्धारित रूट चार्ट का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है। इन सभी उपायों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शांति और सुव्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की असहमति या विवाद को टालना है।
प्रमुख दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल निर्माण या मूर्ति स्थापना के लिये संबंधित थाने से अग्रिम लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। बिना अनुमति के आयोजन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूजा, जुलूस या मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, तथा केवल निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुसार लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकता है, जिसके लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच भी प्रतिबंध रहेगा।
साथ ही प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहें फैलाने वालों पर साइबर पुलिस की 24‑घंटे निगरानी रखने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बड़े पूजा पंडालों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती को अनिवार्य किया गया है।
मूर्ति विसर्जन के लिये प्रशासन द्वारा पहले से निर्धारित रूट चार्ट का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है। इन सभी उपायों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शांति और सुव्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की असहमति या विवाद को टालना है।