📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Al Jazeera
राजनीति
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले दो साल में पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया
✍️ India Today
🗓 18 सित. 2026, 06:46 AM
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बीजेपी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दो साल में पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा, जबकि नशे से जुड़ी आत्महत्या में वृद्धि देखी जा रही है।
नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा है कि वह दो साल की अवधि में पंजाब को नशे के दुरुपयोग से मुक्त करेगा। यह घोषणा राज्य में एक पार्टी रैली के दौरान की गई, जब बीजेपी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।
पार्टी के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में मौजूदा नशीली दवाओं के कानूनों का कड़ा पालन, पुनर्वास केंद्रों का विस्तार और पुलिस एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई शामिल होगी। उन्होंने कहा कि नशे की लत को रोकना राज्य में बढ़ते आत्महत्या मामलों को कम करने के लिए आवश्यक है।
पंजाब दशकों से नशे की समस्या से जूझ रहा है, और स्वास्थ्य विभाग ने नशे की लत को युवा वर्ग में आत्महत्या के बढ़ते मामलों से जोड़ा है। बीजेपी का यह वादा नशे के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को संबोधित करने के प्रयास के रूप में आया है।
यह प्रतिबद्धता कुछ एंटी‑ड्रग कार्यकर्ताओं द्वारा सराही गई है, परन्तु आलोचकों का कहना है कि नीति के विस्तृत विवरण अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं और चुनाव के बाद भी निरंतर कार्यवाही आवश्यक होगी।
बीजेपी चुनाव के बाद जल्द ही इस नशामुक्त पहल को लागू करने की योजना बना रही है, जिससे इसे पंजाब में अपनी शासन एजेंडा का मुख्य बिंदु बनाया जा सके।
पार्टी के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में मौजूदा नशीली दवाओं के कानूनों का कड़ा पालन, पुनर्वास केंद्रों का विस्तार और पुलिस एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई शामिल होगी। उन्होंने कहा कि नशे की लत को रोकना राज्य में बढ़ते आत्महत्या मामलों को कम करने के लिए आवश्यक है।
पंजाब दशकों से नशे की समस्या से जूझ रहा है, और स्वास्थ्य विभाग ने नशे की लत को युवा वर्ग में आत्महत्या के बढ़ते मामलों से जोड़ा है। बीजेपी का यह वादा नशे के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को संबोधित करने के प्रयास के रूप में आया है।
यह प्रतिबद्धता कुछ एंटी‑ड्रग कार्यकर्ताओं द्वारा सराही गई है, परन्तु आलोचकों का कहना है कि नीति के विस्तृत विवरण अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं और चुनाव के बाद भी निरंतर कार्यवाही आवश्यक होगी।
बीजेपी चुनाव के बाद जल्द ही इस नशामुक्त पहल को लागू करने की योजना बना रही है, जिससे इसे पंजाब में अपनी शासन एजेंडा का मुख्य बिंदु बनाया जा सके।