📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Department of Archaeology & Museums, Government of
राजनीति
केकड़ी नगर परिषद के चैम्बर को लेकर भाजपा विधायक‑कांग्रेस बोर्ड में टकराव, पालिकाध्यक्ष मित्तल ने धरना दिया
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 22 सित. 2026, 09:31 PM
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केकड़ी में नगर परिषद के चैम्बर को लेकर भाजपा विधायक और कांग्रेस बोर्ड टकरा गए, जिससे पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने धरने पर जमीन पर लेटकर विरोध किया, और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चैम्बर को निर्वाचित अध्यक्ष को सौंपने की मांग की।
राजस्थान के केकड़ी में नगर परिषद के चैम्बर को लेकर भाजपा विधायक और कांग्रेस‑नियुक्त बोर्ड के बीच टकराव हो गया है। बोर्ड ने चैम्बर पर कब्जा करने की कोशिश की, जबकि यह चैम्बर पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल की देखरेख में था।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप पालिकाध्यक्ष मित्तल ने धरना दिया और चैम्बर की जमीन पर लेटकर विरोध किया। उनका उद्देश्य बोर्ड की अति‑हस्तक्षेप को रोकना और प्रक्रिया के नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासन से आग्रह किया कि चैम्बर को निर्वाचित अध्यक्ष को सौंपा जाए, जैसा कि कानून में निर्धारित है। गहलोत का बयान पालिकाध्यक्ष के कदमों को राजनीतिक समर्थन प्रदान करता है और स्थानीय शासकीय स्वायत्तता के मुद्दे को उजागर करता है।
यह घटना राजस्थान में राज्य‑स्तरीय पार्टी नेताओं और स्थानीय निकायों के बीच चल रहे तनाव को दर्शाती है, जहाँ दोनों पक्ष एक स्पष्ट प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप पालिकाध्यक्ष मित्तल ने धरना दिया और चैम्बर की जमीन पर लेटकर विरोध किया। उनका उद्देश्य बोर्ड की अति‑हस्तक्षेप को रोकना और प्रक्रिया के नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासन से आग्रह किया कि चैम्बर को निर्वाचित अध्यक्ष को सौंपा जाए, जैसा कि कानून में निर्धारित है। गहलोत का बयान पालिकाध्यक्ष के कदमों को राजनीतिक समर्थन प्रदान करता है और स्थानीय शासकीय स्वायत्तता के मुद्दे को उजागर करता है।
यह घटना राजस्थान में राज्य‑स्तरीय पार्टी नेताओं और स्थानीय निकायों के बीच चल रहे तनाव को दर्शाती है, जहाँ दोनों पक्ष एक स्पष्ट प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।