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राजनीति
बीजेपी पर डबल-इंजन रणनीति पर जांच; पीके ने बिहार में चुनौती का लक्ष्य रखा
✍️ India Today
🗓 04 अग. 2026, 05:03 AM
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बीजेपी की डबल-इंजन रणनीति पर जांच चल रही है, जबकि विशेषज्ञों ने चर्चा की है कि पीके बिहार में एक सच्चे चुनौतीकर्ता के रूप में उभर सकता है या नहीं।
बीजेपी की ‘डबल‑इंजन’ रणनीति पर गहन जांच शुरू हो गई है, जब कई राजनीतिक विश्लेषकों ने इसकी प्रभावशीलता और स्थिरता पर सवाल उठाए हैं। यह मॉडल, जो शक्ति को सुदृढ़ करने के लिए दोहरी नेतृत्व पर निर्भर करता है, को आंतरिक तनाव पैदा करने और पार्टी के राज्य स्तर पर जवाबदेही को कमजोर करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल ही में एक पैनल चर्चा में, विशेषज्ञों ने फेक्शनलिज़्म के जोखिम पर प्रकाश डाला और यह सवाल उठाया कि क्या यह रणनीति बिहार में आने वाले चुनावी परीक्षणों को सहन कर सकती है। इस बीच, राजनीतिक पर्यवेक्षक पीके के उदय पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, जो विपक्ष का एक प्रमुख नेता है और जिसे बीजेपी के प्रभुत्व के लिए एक संभावित चुनौतीकर्ता माना जा रहा है। पीके का बढ़ता हुआ समर्थन आधार और जमीनी स्तर पर पहुँचने की क्षमता ने यह अनुमान लगाया है कि वह अगले विधानसभा चुनाव में एक विश्वसनीय खतरा बन सकता है। यह बहस जारी है क्योंकि पार्टी के अंदरूनी और विरोधी नेता बिहार के राजनीतिक परिदृश्य पर डबल‑इंजन मॉडल के प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।