📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bharatiya Janata Party
राजनीति
बीजेपी‑जेडी(एस) ने कर्नाटक परिषद चुनाव में एकजुट होकर लड़ने का फैसला किया
✍️ deccanherald.com
🗓 27 सित. 2026, 06:38 AM
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भाजपा और जेडी(एस) ने कर्नाटक विधान परिषद के चुनाव में एक साथ लड़ने का निर्णय लिया, जिससे प्रतिद्वंद्वी दलों के खिलाफ गठबंधन की नई दिशा स्पष्ट हुई।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और क्षेत्रीय जनतादल (सेक्युलर) [जेडी(एस)] ने कर्नाटक विधान परिषद के आगामी चुनाव में एक साथ लड़ने का समझौता किया है। दोनों दलों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह गठबंधन कांग्रेस के विरोधी वोटों को एकत्र करने और ऊपरी सदन में सीटें जीतने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए किया गया है।
पार्टी नेताओं ने बताया कि उम्मीदवार चयन और प्रचार-प्रसार दोनों में समन्वय किया जाएगा। जहाँ बीजेपी के पास मजबूत आधार है, वहाँ वह अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारेगी, जबकि जेडी(एस) अपने क्षेत्रीय प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रत्याशी पेश करेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कर्नाटक में कांग्रेस की वापसी को रोकने और मतदाताओं को एकजुट विकल्प प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि विधान परिषद के चुनाव इस साल के अंत में निर्धारित हैं।
पार्टी नेताओं ने बताया कि उम्मीदवार चयन और प्रचार-प्रसार दोनों में समन्वय किया जाएगा। जहाँ बीजेपी के पास मजबूत आधार है, वहाँ वह अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारेगी, जबकि जेडी(एस) अपने क्षेत्रीय प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रत्याशी पेश करेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कर्नाटक में कांग्रेस की वापसी को रोकने और मतदाताओं को एकजुट विकल्प प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि विधान परिषद के चुनाव इस साल के अंत में निर्धारित हैं।