📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VishuN
राजनीति
बीजेडी, एमबीए ने माँग की सों के समान समाधान, ओडिशा‑छत्तीसगढ़ के महनदी जल विवाद को सुलझाने हेतु
✍️ The New Indian Express
🗓 02 सित. 2026, 06:37 PM
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बीजेडी और एमबीए के नेताओं ने ओडिशा‑छत्तीसगढ़ के महनदी जल विवाद को सुलझाने के लिए सों के समान समाधान की माँग की।
महनदी नदी, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होकर बहती है, दोनों राज्यों के बीच चल रहे जल‑वितरण विवाद का केंद्र रही है। बिदु जनता दल (बीजेडी) और महाजनसामाजिक बेड़ा (एमबीए) के नेताओं ने सों नदी समझौते के समान एक समाधान की मांग की है, जिसने उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच इसी तरह के संघर्ष को समाप्त किया था।
बीजेडी और एमबीए के अधिकारियों का कहना है कि एक कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता, संयुक्त आयोग और स्पष्ट जल‑वितरण मापदंडों के साथ, भविष्य के संघर्षों को रोक सकता है और नदी के संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित कर सकता है। वे सों नदी समझौते को दोनों तटवर्ती राज्यों की आवश्यकताओं को संतुलित करने वाले सफल उदाहरण के रूप में उद्धृत करते हैं।
यह मांग जल की कमी, कृषि उत्पादकता और दोनों राज्यों में औद्योगिक मांग के बढ़ते चिंताओं के बीच आई है। एक औपचारिक समझौता क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करेगा और नदी बेसिन की विकास योजनाओं का समर्थन करेगा।
दोनों दलों ने राज्य सरकारों से अगले महीने के भीतर वार्तालाप शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि अगले मानसून सीजन से पहले एक सहमति पर पहुँचा जा सके। इस चर्चा का परिणाम नदी बेसिन के हितधारकों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।
बीजेडी और एमबीए के अधिकारियों का कहना है कि एक कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता, संयुक्त आयोग और स्पष्ट जल‑वितरण मापदंडों के साथ, भविष्य के संघर्षों को रोक सकता है और नदी के संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित कर सकता है। वे सों नदी समझौते को दोनों तटवर्ती राज्यों की आवश्यकताओं को संतुलित करने वाले सफल उदाहरण के रूप में उद्धृत करते हैं।
यह मांग जल की कमी, कृषि उत्पादकता और दोनों राज्यों में औद्योगिक मांग के बढ़ते चिंताओं के बीच आई है। एक औपचारिक समझौता क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करेगा और नदी बेसिन की विकास योजनाओं का समर्थन करेगा।
दोनों दलों ने राज्य सरकारों से अगले महीने के भीतर वार्तालाप शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि अगले मानसून सीजन से पहले एक सहमति पर पहुँचा जा सके। इस चर्चा का परिणाम नदी बेसिन के हितधारकों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।