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08 नव. 2026•
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बिलावाल भुट्टो ने पाकिस्तान के ‘हाइब्रिड’ शासन से पीटीआई, मौलाना फज़ल, भारत व अफगानिस्तान को निशाना बनाना बंद करने की अपील की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SRA Gerald B. Johnson
विदेश

बिलावाल भुट्टो ने पाकिस्तान के ‘हाइब्रिड’ शासन से पीटीआई, मौलाना फज़ल, भारत व अफगानिस्तान को निशाना बनाना बंद करने की अपील की

✍️ News18 🗓 08 नव. 2026, 08:05 AM 👁 11
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बिलावाल भुट्टो ज़र्दारी ने पाकिस्तान के ‘हाइब्रिड’ शासन की निंदा की, पीटीआई, मौलाना फज़ल, भारत और अफगानिस्तान के साथ उसके संघर्ष को रोकने की मांग की।

बिलावाल भुट्टो ज़र्दारी, पूर्व प्रधानमंत्री बेनाज़ीर भुट्टो के पुत्र, ने पाकिस्तान के वर्तमान ‘हाइब्रिड’ शासन की कड़ी निंदा की। उन्होंने अधिकारियों से पीटीआई और उसके नेता के साथ चल रहे टकराव, साथ ही मौलाना फज़ल के खिलाफ़ कार्रवाई को रोकने की अपील की। उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के प्रति चल रहे विरोध को भी समाप्त करने का आग्रह किया, जिससे अधिक सौहार्दपूर्ण नीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

इन बयानों में बिलावाल ने कहा कि इस तरह का टकराव न केवल पाकिस्तान के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी खतरे में डालता है। उन्होंने चेतावनी दी कि निरंतर विरोधी रवैया देश के राजनीतिक परिदृश्य को और अधिक विभाजित कर सकता है और पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को तनावपूर्ण बना सकता है।

यह टिप्पणी पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जहाँ सैन्य‑समर्थित सरकार पर विरोध को दबाने और विपक्षी दलों की आवाज़ को सीमित करने का आरोप लगा है। घरेलू और विदेशी दोनों मोर्चों को संबोधित करके, बिलावाल ने शासन की नीतियों के व्यापक प्रभावों को उजागर किया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, पर विशेषज्ञों का मानना है कि पीपीपी के वरिष्ठ नेता की इस तरह की सार्वजनिक आलोचना राजनीतिक दिशा और भारत‑अफगानिस्तान के साथ संबंधों पर बहस को और तीव्र कर सकती है।
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