📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Heba Aisha
स्वास्थ्य
बिहार ने 38 जिलों में 135 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 30‑बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदला
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 03 नव. 2026, 06:15 PM
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बिहार सरकार ने 38 जिलों में 135 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 30‑बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदल दिया, जिससे ग्रामीण रोगियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिलेगी।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य के 38 जिलों में स्थित 135 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 30‑बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बदल दिया गया है। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
अब प्रत्येक केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर—जैसे चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ—तैनात होंगे, जिससे ग्रामीण मरीजों को निकटवर्ती स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों की उपलब्धता से रेफ़रल की संख्या घटेगी और रोगों के उपचार में सुधार की उम्मीद है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग के एक बयान के अनुसार, इन नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उन्नत निदान उपकरण, प्रयोगशाला सेवाएँ और एक समर्पित फार्मेसी भी स्थापित की जाएगी, जो राष्ट्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा दिशानिर्देशों के अनुरूप है। विभाग ने कहा कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी और उच्च स्तर के अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पहले चलाए गए स्वास्थ्य विस्तार कार्यक्रमों के बाद लिया गया है, जो बिहार की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अब प्रत्येक केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर—जैसे चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ—तैनात होंगे, जिससे ग्रामीण मरीजों को निकटवर्ती स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों की उपलब्धता से रेफ़रल की संख्या घटेगी और रोगों के उपचार में सुधार की उम्मीद है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग के एक बयान के अनुसार, इन नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उन्नत निदान उपकरण, प्रयोगशाला सेवाएँ और एक समर्पित फार्मेसी भी स्थापित की जाएगी, जो राष्ट्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा दिशानिर्देशों के अनुरूप है। विभाग ने कहा कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी और उच्च स्तर के अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पहले चलाए गए स्वास्थ्य विस्तार कार्यक्रमों के बाद लिया गया है, जो बिहार की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।