📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Proverealbiharhistory
कृषि
बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने आम की गुठलियों से बनाया मक्खन और तेल
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 07 जुल. 2026, 11:31 PM
👁 3
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के एक वैज्ञानिक ने आम की गुठलियों का उपयोग करके मक्खन और तेल विकसित करने में सफलता प्राप्त की है। यह नवाचार आम के कचरे के उपयोग के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वैज्ञानिकों ने आम की गुठलियों से मक्खन और तेल तैयार करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस विकास ने आम की खपत के एक पहले से कम उपयोग किए जाने वाले उप-उत्पाद को मूल्यवान खाद्य सामग्री में बदल दिया है।
विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक द्वारा किए गए इस शोध में, फल खाने के बाद अक्सर फेंक दी जाने वाली आम की गुठलियों से उपयोगी उत्पादों को निकालने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह पहल टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने और कृषि कचरे में मूल्य जोड़ने के प्रयासों के अनुरूप है।
इस नवाचार में खाद्य उद्योग के लिए क्षमता है, जो आम से जुड़ी अपशिष्ट प्रबंधन चुनौतियों का समाधान करते हुए मक्खन और तेल उत्पादन के लिए एक नया स्रोत प्रदान करता है। प्रक्रिया और संभावित अनुप्रयोगों पर आगे के विवरण की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक द्वारा किए गए इस शोध में, फल खाने के बाद अक्सर फेंक दी जाने वाली आम की गुठलियों से उपयोगी उत्पादों को निकालने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह पहल टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने और कृषि कचरे में मूल्य जोड़ने के प्रयासों के अनुरूप है।
इस नवाचार में खाद्य उद्योग के लिए क्षमता है, जो आम से जुड़ी अपशिष्ट प्रबंधन चुनौतियों का समाधान करते हुए मक्खन और तेल उत्पादन के लिए एक नया स्रोत प्रदान करता है। प्रक्रिया और संभावित अनुप्रयोगों पर आगे के विवरण की उम्मीद है।