📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relations Department, Gover
अपराध
बिहार पुलिस ने म्यूल अकाउंट साइबर ठगी उजागर, 400‑500 ग्रामीणों के खाते खुले
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 26 सित. 2026, 11:45 AM
👁 14
बिहार में साइबर ठगों ने सरकारी योजनाओं के नाम पर 400‑500 ग्रामीणों के बैंक खाते खोले, जिन्हें म्यूल अकाउंट बनाकर धन शोधन किया गया, पुलिस ने बताया।
बिहार पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी मामले का खुलासा किया, जिसमें ठगों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के नाम पर बैंक खाते खोलने के लिए राजी किया। जांच में पता चला कि 400‑500 के बीच खातों को "म्यूल अकाउंट" बनाकर अवैध धन का लेन‑देन किया गया।
इन खातों को खोलने के पीछे ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया कि वे योजनाओं के तहत सब्सिडी या अन्य लाभ प्राप्त करेंगे। खाते सक्रिय होते ही ठगों ने छोटे‑छोटे लेन‑देन करके बड़ी रकम को छिपाने की कोशिश की, जिससे बैंक के मॉनिटरिंग सिस्टम को चकमा दिया जा सके।
जब बैंक ने असामान्य लेन‑देन की पहचान की, तो राज्य पुलिस के साइबर‑क्राइम यूनिट ने जांच शुरू की। प्रारम्भिक जाँच से पता चला कि ये धनराशि बड़े अपराधी नेटवर्क तक पहुँचाया जा रहा था, जबकि अंतिम प्राप्तकर्ता अभी भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस ने डिजिटल सबूत जब्त कर लिये हैं और धन के प्रवाह को ट्रेस कर मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता को चेतावनी दी है कि कोई भी योजना जो नया बैंक खाता खोलने को कहे, उसकी सत्यता जाँचें और संदेहास्पद मामलों की रिपोर्ट साइबर‑क्राइम हेल्पलाइन पर करें।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन ठगी की बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करता है और बैंकिंग सेक्टर में जागरूकता व सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देता है।
इन खातों को खोलने के पीछे ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया कि वे योजनाओं के तहत सब्सिडी या अन्य लाभ प्राप्त करेंगे। खाते सक्रिय होते ही ठगों ने छोटे‑छोटे लेन‑देन करके बड़ी रकम को छिपाने की कोशिश की, जिससे बैंक के मॉनिटरिंग सिस्टम को चकमा दिया जा सके।
जब बैंक ने असामान्य लेन‑देन की पहचान की, तो राज्य पुलिस के साइबर‑क्राइम यूनिट ने जांच शुरू की। प्रारम्भिक जाँच से पता चला कि ये धनराशि बड़े अपराधी नेटवर्क तक पहुँचाया जा रहा था, जबकि अंतिम प्राप्तकर्ता अभी भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस ने डिजिटल सबूत जब्त कर लिये हैं और धन के प्रवाह को ट्रेस कर मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता को चेतावनी दी है कि कोई भी योजना जो नया बैंक खाता खोलने को कहे, उसकी सत्यता जाँचें और संदेहास्पद मामलों की रिपोर्ट साइबर‑क्राइम हेल्पलाइन पर करें।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन ठगी की बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करता है और बैंकिंग सेक्टर में जागरूकता व सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देता है।