📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Itcell.bla
राजनीति
बिहार एमएलसी चुनाव: महागठबंधन‑जदयू के टकराव से भाजपा को मिला आठ सीटों का मौका
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 25 सित. 2026, 05:02 PM
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बिहार में आठ सीटों के लिए होने वाले एमएलसी चुनाव में महागठबंधन‑जदयू के बीच बढ़ती टकराव ने भाजपा की रणनीति को प्रभावित किया है।
बिहार विधान परिषद के आठ सीटों के चुनाव अगले हफ्तों में होने वाले हैं, जो राज्य की राजनीतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण चरण को चिह्नित करते हैं। पार्टियों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी रणनीति तय करने के लिए इस चुनाव को बारीकी से देखा है।
महागठबंधन में अब तक के सबसे बड़े विवादों में से एक महागठबंधन के वरिष्ठ सहयोगियों और जदयू के बीच उभरा है। सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर असहमति ने गठबंधन को अस्थिर कर दिया है, जिससे एकजुट मोर्चा बनाना कठिन हो रहा है।
भाजपा ने अभी तक इन आठ सीटों के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि घोषणा का समय रणनीतिक रूप से चुना जाएगा, ताकि विरोधी गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों का फायदा उठाया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि जदयू‑महागठबंधन के बीच का टकराव भाजपा को संभावित रूप से अधिक सीटें जीतने का अवसर दे सकता है। इन आठ सीटों का परिणाम राज्य के भविष्य के विधानसभा चुनावों में गठबंधन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।
महागठबंधन में अब तक के सबसे बड़े विवादों में से एक महागठबंधन के वरिष्ठ सहयोगियों और जदयू के बीच उभरा है। सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर असहमति ने गठबंधन को अस्थिर कर दिया है, जिससे एकजुट मोर्चा बनाना कठिन हो रहा है।
भाजपा ने अभी तक इन आठ सीटों के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि घोषणा का समय रणनीतिक रूप से चुना जाएगा, ताकि विरोधी गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों का फायदा उठाया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि जदयू‑महागठबंधन के बीच का टकराव भाजपा को संभावित रूप से अधिक सीटें जीतने का अवसर दे सकता है। इन आठ सीटों का परिणाम राज्य के भविष्य के विधानसभा चुनावों में गठबंधन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।