📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Dist
राजनीति
बिहार के श्याम राजक ने ग्लेशियर आपदा, बाढ़ और छात्र आंदोलन पर दिया बड़ा बयान
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 27 अग. 2026, 11:02 AM
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बिहार के वरिष्ठ राजनेता श्याम राजक ने हालिया ग्लेशियर गिरावट, उससे उत्पन्न बाढ़ और चल रहे छात्र विरोध पर सरकार की कार्रवाई और राहत की मांगें बताई।
बिहार के जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता श्याम राजक ने गुरुवार को राज्य को प्रभावित कर रही तीन प्रमुख समस्याओं पर विस्तृत बयान दिया। उन्होंने सबसे पहले हिमालयी foothills में अचानक गिरे ग्लेशियर को उजागर किया, जिससे कई जिलों में तेज़ बाढ़ आई, कई लोगों की जान गई और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा।
राजक ने बताया कि राज्य सरकार ने आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है, बचाव हेलिकॉप्टर भेजे हैं और विस्थापित परिवारों के लिये आपातकालीन आश्रय खोल दिए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र वित्तीय सहायता और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की पुनर्निर्माण में तकनीकी सहयोग की मांग की।
बयान में उन्होंने पटना और अन्य शहरी केंद्रों में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। छात्र आंदोलन के कारण फीस वृद्धि और कैंपस सुरक्षा को लेकर उठाए गए मुद्दों को स्वीकारते हुए, राजक ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ संवाद और फीस संरचना की पुनः समीक्षा का वादा किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदियों और सामाजिक असंतोष दोनों का समाधान ही बिहार में स्थिरता बनाए रखने की कुंजी है।
अंत में उन्होंने नागरिकों से एकजुटता की अपील की, राहत कार्यों में स्वयंसेवकों की मदद का आह्वान किया और साथ ही छात्रों के अधिकारों का सम्मान करने की चेतावनी दी। यह बयान पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया, जहाँ पत्रकारों ने पुनर्निर्माण और मुआवजे की समयसीमा के बारे में पूछताछ की।
राजक ने बताया कि राज्य सरकार ने आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है, बचाव हेलिकॉप्टर भेजे हैं और विस्थापित परिवारों के लिये आपातकालीन आश्रय खोल दिए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र वित्तीय सहायता और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की पुनर्निर्माण में तकनीकी सहयोग की मांग की।
बयान में उन्होंने पटना और अन्य शहरी केंद्रों में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। छात्र आंदोलन के कारण फीस वृद्धि और कैंपस सुरक्षा को लेकर उठाए गए मुद्दों को स्वीकारते हुए, राजक ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ संवाद और फीस संरचना की पुनः समीक्षा का वादा किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदियों और सामाजिक असंतोष दोनों का समाधान ही बिहार में स्थिरता बनाए रखने की कुंजी है।
अंत में उन्होंने नागरिकों से एकजुटता की अपील की, राहत कार्यों में स्वयंसेवकों की मदद का आह्वान किया और साथ ही छात्रों के अधिकारों का सम्मान करने की चेतावनी दी। यह बयान पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया, जहाँ पत्रकारों ने पुनर्निर्माण और मुआवजे की समयसीमा के बारे में पूछताछ की।