📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Johan Schiff/Miljöpartiet de gröna
राजनीति
बिहार‑झारखंड ने सोन नदी का जल बंटवारा तय किया: बिहार को 5.75 एमएएफ, झारखंड को 2.00 एमएएफ
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 31 अग. 2026, 10:37 PM
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25 साल के झगड़े के बाद, बिहार और झारखंड ने दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सोन नदी के 5.75 एमएएफ पानी बिहार को और 2 एमएएफ झारखंड को आवंटित किया।
दिल्ली में सोमवार को गृह मंत्री की अध्यक्षता में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिससे 25 साल के विवाद का अंत हुआ। दोनों राज्य सरकारों ने राजधानी में मिलकर एक ऐसा समझौता किया जो अब तक नहीं हो पाया था।
समझौते के अनुसार बिहार को सोन नदी के 5.75 मिलियन एकड़‑फ़ीट (एमएएफ) पानी का अधिकार मिलेगा, जबकि झारखंड को 2.00 एमएएफ आवंटित किया गया है। यह विभाजन तकनीकी मूल्यांकन और दोनों राज्यों की कृषि‑औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
इस समझौते से राज्य‑स्तर के जल विवादों में कमी आने की उम्मीद है और सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश मिलेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह मॉडल अन्य जल विवादों के समाधान में भी मददगार साबित हो सकता है।
समझौते के अनुसार बिहार को सोन नदी के 5.75 मिलियन एकड़‑फ़ीट (एमएएफ) पानी का अधिकार मिलेगा, जबकि झारखंड को 2.00 एमएएफ आवंटित किया गया है। यह विभाजन तकनीकी मूल्यांकन और दोनों राज्यों की कृषि‑औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
इस समझौते से राज्य‑स्तर के जल विवादों में कमी आने की उम्मीद है और सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश मिलेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह मॉडल अन्य जल विवादों के समाधान में भी मददगार साबित हो सकता है।