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स्वास्थ्य
बिहार खाद्य सुरक्षा विभाग ने गलत लेबल वाले पैक्ड पीने के पानी पर कार्रवाई की
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 14 अक्टू. 2026, 08:45 PM
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बिहार खाद्य सुरक्षा विभाग ने गलत ब्रांड लेबल वाले पैक्ड पीने के पानी को जब्त किया और उपभोक्ताओं से खरीदते समय निर्माता जानकारी जाँचने की अपील की।
पटना, बिहार – राज्य के खाद्य‑सुरक्षा अधिकारियों ने कई रिपोर्टों के बाद जांच शुरू की, जिसमें बताया गया कि पैक्ड पीने के पानी पर ब्रांड लेबल असंगत थे। इन छानबीनों में कई खुदरा दुकानों और छोटे बोतलिंग यूनिटों को निशाना बनाया गया, जहाँ पानी की बोतलों पर निर्माता का नाम और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस नंबर नहीं दिख रहा था।
ऑपरेशन के दौरान, विभाग ने गलत लेबल वाले पैक को जब्त किया और संबंधित व्यवसायियों को पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी असंगतियों से उपभोक्ताओं को पानी के स्रोत और सुरक्षा के बारे में भ्रमित किया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनता को भी चेतावनी दी, कि पैकेज्ड पानी खरीदते समय निर्माता का नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या और अन्य अनिवार्य पैकेजिंग जानकारी अवश्य जाँचें। विभाग ने कहा कि वह बाजार की लगातार निगरानी करेगा ताकि नियमों का पालन हो और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
अब तक कोई स्वास्थ्य समस्या या चोट की रिपोर्ट नहीं आई है, पर अधिकारियों ने कहा कि बिना जांचे‑परखे लेबलिंग से गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन हो सकता है, जिससे जोखिम बढ़ सकता है।
यह कार्रवाई बिहार सरकार की खाद्य‑पेय उत्पादों की निगरानी को कड़ा करने की व्यापक योजना का हिस्सा है, जो उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ली गई है।
ऑपरेशन के दौरान, विभाग ने गलत लेबल वाले पैक को जब्त किया और संबंधित व्यवसायियों को पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी असंगतियों से उपभोक्ताओं को पानी के स्रोत और सुरक्षा के बारे में भ्रमित किया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनता को भी चेतावनी दी, कि पैकेज्ड पानी खरीदते समय निर्माता का नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या और अन्य अनिवार्य पैकेजिंग जानकारी अवश्य जाँचें। विभाग ने कहा कि वह बाजार की लगातार निगरानी करेगा ताकि नियमों का पालन हो और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
अब तक कोई स्वास्थ्य समस्या या चोट की रिपोर्ट नहीं आई है, पर अधिकारियों ने कहा कि बिना जांचे‑परखे लेबलिंग से गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन हो सकता है, जिससे जोखिम बढ़ सकता है।
यह कार्रवाई बिहार सरकार की खाद्य‑पेय उत्पादों की निगरानी को कड़ा करने की व्यापक योजना का हिस्सा है, जो उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ली गई है।