📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
बिहार सीएम के यौन उत्पीड़न वीडियो पर टिप्पणी से फिर उठी बवाल
✍️ The Hindu
🗓 08 अक्टू. 2026, 02:01 PM
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस बयान पर फिर से आलोचना हुई, जहाँ उन्होंने कहा कि मीडिया केवल पाँच यौन उत्पीड़न वीडियो ढूँढ पाई है, और जांच की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मीडिया केवल पाँच यौन उत्पीड़न वीडियो ढूँढ पाई है, इस बयान के बाद फिर से आलोचना का सामना करना पड़ा। यह टिप्पणी कई लोगों ने समस्या को कम आंकने के रूप में लिया और महिलाओं के अधिकार समूह व विपक्षी दलों ने तुरंत निंदा की।
विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे को हल्का करने का आरोप लगाया, राज्य प्रशासन से सभी संभावित वीडियो साक्ष्यों की व्यापक जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने ऑनलाइन ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कानूनों के कार्यान्वयन की भी मांग की।
राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा कि वह इस मामले की समीक्षा कर रहा है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करेगा। इस बीच, सोशल मीडिया पर जनता ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि 2018 के आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न वीडियो बनाना और वितरित करना सख्त दंडनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही से न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा कम हो सकता है।
विवाद के बढ़ते माहौल में बिहार सरकार ने अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे जनता और मीडिया को यह जानने की प्रतीक्षा है कि सरकार इन चिंताओं को कैसे संबोधित करेगी।
विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे को हल्का करने का आरोप लगाया, राज्य प्रशासन से सभी संभावित वीडियो साक्ष्यों की व्यापक जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने ऑनलाइन ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कानूनों के कार्यान्वयन की भी मांग की।
राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा कि वह इस मामले की समीक्षा कर रहा है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करेगा। इस बीच, सोशल मीडिया पर जनता ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि 2018 के आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न वीडियो बनाना और वितरित करना सख्त दंडनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही से न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा कम हो सकता है।
विवाद के बढ़ते माहौल में बिहार सरकार ने अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे जनता और मीडिया को यह जानने की प्रतीक्षा है कि सरकार इन चिंताओं को कैसे संबोधित करेगी।