📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kumarrakajee
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख परिवारों के खाते में 579 करोड़ रुपये जारी किए
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 15 सित. 2026, 04:01 PM
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राज्य सरकार ने 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लगभग 50,000 लोगों के 8.27 लाख परिवारों के खातों में सीधे 579 करोड़ रुपये जमा किए।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज घोषणा की कि राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित 8.27 लाख परिवारों के खातों में सीधे 579 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। यह राशि आपातकालीन राहत पैकेज के तहत प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य बाढ़ पीड़ित घरों को तुरंत वित्तीय सहायता देना है।
बाढ़ ने बिहार के 15 जिलों में लगभग 50,000 लोगों को प्रभावित किया है, जिससे जीवनयापन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है। लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि जमा कर, प्रशासन का लक्ष्य राहत प्रक्रिया को तेज़ करना और परिवारों को भोजन, चिकित्सा और घर पुनर्निर्माण जैसी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
चौधरी ने कहा कि सरकार स्थिति की लगातार निगरानी करेगी और जहाँ‑जहाँ आवश्यकता होगी, अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने प्रभावित लोगों से राहत एजेंसियों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया के दौरान और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कदम बिहार की व्यापक आपदा प्रतिक्रिया रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बचाव कार्य, अस्थायी शरणस्थल और आवश्यक सामग्री का वितरण शामिल है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के एजेंसियों के साथ समन्वय कर इस चल रही संकट का शीघ्र और समन्वित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
बाढ़ ने बिहार के 15 जिलों में लगभग 50,000 लोगों को प्रभावित किया है, जिससे जीवनयापन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है। लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि जमा कर, प्रशासन का लक्ष्य राहत प्रक्रिया को तेज़ करना और परिवारों को भोजन, चिकित्सा और घर पुनर्निर्माण जैसी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
चौधरी ने कहा कि सरकार स्थिति की लगातार निगरानी करेगी और जहाँ‑जहाँ आवश्यकता होगी, अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने प्रभावित लोगों से राहत एजेंसियों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया के दौरान और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कदम बिहार की व्यापक आपदा प्रतिक्रिया रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बचाव कार्य, अस्थायी शरणस्थल और आवश्यक सामग्री का वितरण शामिल है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के एजेंसियों के साथ समन्वय कर इस चल रही संकट का शीघ्र और समन्वित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।