📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Proverealbiharhistory
कृषि
बिहार ने महाराष्ट्र, यूपी के साथ मिलकर गैर‑सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री पर रोक
✍️ The Economic Times
🗓 14 अक्टू. 2026, 03:31 AM
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बिहार सरकार ने गैर‑सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया, जिससे वह महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कदमों से जुड़ गई।
नई दिल्ली – बिहार सरकार ने उन उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है जो सरकारी सब्सिडी योजना के तहत नहीं आते। यह कदम महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश द्वारा हाल ही में अपनाए गए समान प्रतिबंधों के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य किसानों को अत्यधिक इनपुट लागत से बचाना है।
बिहार कृषि विभाग के बयान के अनुसार, खुदरा विक्रेताओं को उर्वरकों की सब्सिडी स्थिति की जाँच करनी होगी और बिना सब्सिडी वाले उत्पादों को बाजार में बेचना प्रतिबंधित रहेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर मौजूदा कृषि नियमों के तहत दंड लगाया जा सकता है।
प्रभारी अधिकारियों ने कहा कि यह नीति सब्सिडी वाले इनपुट को छोटे और सीमांत किसानों तक पहुँचाने के लिए है, जिससे राष्ट्रीय उर्वरक सब्सिडी का लाभ सही प्राप्तकर्ता तक पहुँचे। विभाग ने जिले‑दर‑जिले निगरानी के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ समन्वय करने का भी कहा है।
उर्वरक कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और कृषि उत्पादन लागत को स्थिर करने की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के साथ नीतियों को समान करके, बिहार एक समान बाजार माहौल बनाना चाहता है, जिससे गैर‑सब्सिडी वाले रसायनों की अनियंत्रित बिक्री को रोका जा सके।
नियम का कार्यान्वयन अगले दो हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, और विभाग व्यापारियों व किसानों के लिए जागरूकता अभियानों की योजना बना रहा है।
बिहार कृषि विभाग के बयान के अनुसार, खुदरा विक्रेताओं को उर्वरकों की सब्सिडी स्थिति की जाँच करनी होगी और बिना सब्सिडी वाले उत्पादों को बाजार में बेचना प्रतिबंधित रहेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर मौजूदा कृषि नियमों के तहत दंड लगाया जा सकता है।
प्रभारी अधिकारियों ने कहा कि यह नीति सब्सिडी वाले इनपुट को छोटे और सीमांत किसानों तक पहुँचाने के लिए है, जिससे राष्ट्रीय उर्वरक सब्सिडी का लाभ सही प्राप्तकर्ता तक पहुँचे। विभाग ने जिले‑दर‑जिले निगरानी के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ समन्वय करने का भी कहा है।
उर्वरक कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और कृषि उत्पादन लागत को स्थिर करने की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के साथ नीतियों को समान करके, बिहार एक समान बाजार माहौल बनाना चाहता है, जिससे गैर‑सब्सिडी वाले रसायनों की अनियंत्रित बिक्री को रोका जा सके।
नियम का कार्यान्वयन अगले दो हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, और विभाग व्यापारियों व किसानों के लिए जागरूकता अभियानों की योजना बना रहा है।