📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Our World In Data
स्वास्थ्य
बिहार को फाइलेरिया उन्मूलन में बड़ी सफलता, UN-WHO ने की सराहना
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 07 जुल. 2026, 10:01 AM
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बिहार को लिम्फेटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है, जिसके लिए UN और WHO ने राज्य की सराहना की है। तीन जिलों ने TAS-1 सर्वे सफलतापूर्वक पास कर लिया है।
बिहार ने लिम्फेटिक फाइलेरिया, जिसे हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है, के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य की इस प्रगति को संयुक्त राष्ट्र (UN) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दोनों ने सराहा है।
यह सफलता विशेष रूप से इस तथ्य से रेखांकित होती है कि बिहार के तीन जिलों - अररिया, मधेपुरा और सुपौल - ने ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) को सफलतापूर्वक पास कर लिया है। इस सर्वे को पास करना बीमारी के उन्मूलन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन जिलों में अभियान की प्रभावशीलता राज्य के भीतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह सफलता विशेष रूप से इस तथ्य से रेखांकित होती है कि बिहार के तीन जिलों - अररिया, मधेपुरा और सुपौल - ने ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) को सफलतापूर्वक पास कर लिया है। इस सर्वे को पास करना बीमारी के उन्मूलन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन जिलों में अभियान की प्रभावशीलता राज्य के भीतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।