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राजनीति
भोपाल की आजादी की अनकही कहानी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 15 अग. 2026, 07:02 AM
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15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिलने के बाद भी भोपाल रियासत में भारतीय संघ में शामिल होने का संघर्ष जारी रहा। नवाब के स्वतंत्र रियासत बनाए रखने के प्रयासों के बीच लोगों का संघर्ष
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन ने देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ को चिह्नित किया, लेकिन भोपाल के लिए स्वतंत्रता की यात्रा अधिक जटिल थी। 15 अगस्त 1947 के बाद भी, शहर के नवाब ने अपनी स्वतंत्र रियासत बनाए रखने का प्रयास किया, जिससे भोपाल के लोगों के लिए एक लंबी लड़ाई शुरू हुई। यह भारतीय इतिहास का एक कम ज्ञात अध्याय है, जो शहर की जुझारूपन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। भोपाल के संघर्ष की कहानी आज भी याद की जाती है, जिसे विलिनिकरण शहीद स्मृति द्वार पर सम्मानित किया जाता है। भोपाल के लोगों ने स्वतंत्रता की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और उनकी वीरता शहर की विरासत का एक अभिन्न अंग बन गई है।