📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
अपराध
भोपाल के पटवारी पर रिश्वत लेने के आरोप में अभियोजन स्वीकृति
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 07 अक्टू. 2026, 03:31 PM
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भोपाल में रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी पर अभियोजन स्वीकृति जारी हुई, जबकि लोकायुक्त के लंबित मामलों को अभी सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
भोपाल में एक हालिया विकास में, अभियोजन विभाग ने रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी पर आरोप लगाने की स्वीकृति दी है। यह निर्णय स्थानीय पुलिस के औपचारिक अनुरोध के बाद लिया गया और मामले को मुकदमे की ओर बढ़ाने की उम्मीद है।
रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी, जिसकी पहचान अभी तक प्रकट नहीं की गई है, ने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए अवैध भुगतान स्वीकार किया था। जांच में जमीन के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताएँ सामने आईं।
इस बीच, लोकायुक्त कार्यालय ने रिपोर्ट की है कि 295 भ्रष्टाचार के मामले अभी भी अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित हैं। जांच पूरी होने के बाद इन मामलों को अदालत में ले जाने के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता है।
यह स्वीकृति मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह संकेत देता है कि राज्य सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से सक्रिय रूप से निपट रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगला चरण साक्ष्य एकत्र करने और मुकदमे के लिए मामला तैयार करने का होगा।
अधिकारियों ने बताया है कि सरकार आने वाले हफ्तों में लोकायुक्त के लंबित मामलों की समीक्षा करेगी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी, जिसकी पहचान अभी तक प्रकट नहीं की गई है, ने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए अवैध भुगतान स्वीकार किया था। जांच में जमीन के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताएँ सामने आईं।
इस बीच, लोकायुक्त कार्यालय ने रिपोर्ट की है कि 295 भ्रष्टाचार के मामले अभी भी अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित हैं। जांच पूरी होने के बाद इन मामलों को अदालत में ले जाने के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता है।
यह स्वीकृति मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह संकेत देता है कि राज्य सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से सक्रिय रूप से निपट रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगला चरण साक्ष्य एकत्र करने और मुकदमे के लिए मामला तैयार करने का होगा।
अधिकारियों ने बताया है कि सरकार आने वाले हफ्तों में लोकायुक्त के लंबित मामलों की समीक्षा करेगी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया जा सके।