📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
शिक्षा
भोपाल की गणित शिक्षिका संगीता यादव को मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 26 सित. 2026, 11:31 AM
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भोपाल की गणित शिक्षिका संगीता यादव को 2026 का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिला, क्योंकि उन्होंने कक्षा में रेल, क्रिकेट और कला जैसे वास्तविक विषयों को जोड़ा।
भोपाल की सीनियर सेकेंडरी गणित शिक्षिका संगीता यादव को 2026 का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिला, जो शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिया गया एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। सम्मान में उनके अभिनव शिक्षण‑तरीके को सराहा गया, जिसमें उन्होंने गणित को पाठ्यपुस्तकों से हटाकर रेल, क्रिकेट, खेल और कला जैसे वास्तविक विषयों से जोड़ा।
यादव के पाठ्यक्रम में अब छात्रों को ट्रेन की गति की गणना, क्रिकेट रन‑रेट का विश्लेषण, खेल‑बोर्ड के पैटर्न बनाना और ज्यामितीय कला रचना जैसी प्रायोगिक परियोजनाएँ कराई जाती हैं। उनका मानना है कि यह अंतरविषयक दृष्टिकोण छात्रों को संख्याओं की उपयोगिता दिखाता है और विभिन्न सीखने की शैलियों को आकर्षित करता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मॉडल को मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनाने योग्य बताया। नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में यादव के कार्य को अनुभव‑आधारित सीखने का एक उदाहरण माना गया, जो सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ता है।
स्थानीय प्रशासन ने उनके शिक्षण‑तरीके को शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है, ताकि अन्य विषयों में भी इस सफलता को दोहराया जा सके। दशकों के शिक्षण अनुभव वाली यादव ने इस सम्मान के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और अपने पाठ्यक्रम को और विकसित करने का संकल्प लिया।
यह सम्मान उन शिक्षकों की बढ़ती सूची में शामिल है जो भारत में कक्षा शिक्षण को पुनः परिभाषित कर रहे हैं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा और व्यावहारिक समस्या‑समाधान दोनों के लिए तैयार किया जा सके।
यादव के पाठ्यक्रम में अब छात्रों को ट्रेन की गति की गणना, क्रिकेट रन‑रेट का विश्लेषण, खेल‑बोर्ड के पैटर्न बनाना और ज्यामितीय कला रचना जैसी प्रायोगिक परियोजनाएँ कराई जाती हैं। उनका मानना है कि यह अंतरविषयक दृष्टिकोण छात्रों को संख्याओं की उपयोगिता दिखाता है और विभिन्न सीखने की शैलियों को आकर्षित करता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मॉडल को मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनाने योग्य बताया। नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में यादव के कार्य को अनुभव‑आधारित सीखने का एक उदाहरण माना गया, जो सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ता है।
स्थानीय प्रशासन ने उनके शिक्षण‑तरीके को शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है, ताकि अन्य विषयों में भी इस सफलता को दोहराया जा सके। दशकों के शिक्षण अनुभव वाली यादव ने इस सम्मान के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और अपने पाठ्यक्रम को और विकसित करने का संकल्प लिया।
यह सम्मान उन शिक्षकों की बढ़ती सूची में शामिल है जो भारत में कक्षा शिक्षण को पुनः परिभाषित कर रहे हैं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा और व्यावहारिक समस्या‑समाधान दोनों के लिए तैयार किया जा सके।