📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
नौकरी
भोपाल में केयरटेकर, नर्सिंग अटेंडेंट और घरेलू सहायक पर पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 06 नव. 2026, 09:15 AM
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भोपाल में घरों को अब केयरटेकर, नर्सिंग अटेंडेंट या घरेलू सहायक रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य किया गया है।
भोपाल नगर निगम ने एक निर्देश जारी किया है जिसमें किसी भी व्यक्ति या परिवार को केयरटेकर, नर्सिंग अटेंडेंट या घरेलू सहायक रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। यह कदम धोखाधड़ीपूर्ण भर्ती को रोकने और विशेष रूप से बुजुर्ग तथा विकलांग नागरिकों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्थानीय पुलिस विभाग द्वारा प्रसारित नोटिस के अनुसार, वेरिफिकेशन के लिए आवेदकों को पहचान पत्र जमा करके निकटतम पुलिस स्टेशन में पृष्ठभूमि जांच करानी होगी। यह प्रक्रिया कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है और परिणाम एक केंद्रीकृत डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा, जिससे नियोक्ता इसे देख सकेंगे।
अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि बिना आवश्यक क्लियरेंस के कर्मचारियों को नियुक्त करने पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह नीति अनौपचारिक देखभाल सेवाओं को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों—कामगार और घरों—को संभावित दुरुपयोग से बचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यह नया नियम कई शिकायतों के बाद आया है, जिसमें बिना वेरिफिकेशन वाले देखभालकर्ता द्वारा अनुचित व्यवहार की घटनाएँ सामने आई थीं। अधिकारियों का मानना है कि यह वेरिफिकेशन प्रणाली एक भरोसेमंद स्क्रीनिंग तंत्र प्रदान करेगी और व्यक्तिगत देखभाल के लिए मदद रखने वाले नागरिकों में विश्वास पुनः स्थापित करेगी।
कार्यान्वयन तुरंत शुरू हो गया है, और शहर भर के पुलिस थानों को देखभाल और घरेलू सहायक भूमिकाओं से संबंधित वेरिफिकेशन अनुरोधों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय पुलिस विभाग द्वारा प्रसारित नोटिस के अनुसार, वेरिफिकेशन के लिए आवेदकों को पहचान पत्र जमा करके निकटतम पुलिस स्टेशन में पृष्ठभूमि जांच करानी होगी। यह प्रक्रिया कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है और परिणाम एक केंद्रीकृत डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा, जिससे नियोक्ता इसे देख सकेंगे।
अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि बिना आवश्यक क्लियरेंस के कर्मचारियों को नियुक्त करने पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह नीति अनौपचारिक देखभाल सेवाओं को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों—कामगार और घरों—को संभावित दुरुपयोग से बचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यह नया नियम कई शिकायतों के बाद आया है, जिसमें बिना वेरिफिकेशन वाले देखभालकर्ता द्वारा अनुचित व्यवहार की घटनाएँ सामने आई थीं। अधिकारियों का मानना है कि यह वेरिफिकेशन प्रणाली एक भरोसेमंद स्क्रीनिंग तंत्र प्रदान करेगी और व्यक्तिगत देखभाल के लिए मदद रखने वाले नागरिकों में विश्वास पुनः स्थापित करेगी।
कार्यान्वयन तुरंत शुरू हो गया है, और शहर भर के पुलिस थानों को देखभाल और घरेलू सहायक भूमिकाओं से संबंधित वेरिफिकेशन अनुरोधों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।