📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती, हजारों श्रद्धालुओं ने देखा बाबा महाकाल को चांदी के मुकुट में
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 13 अक्टू. 2026, 09:15 AM
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उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए, जहाँ बाबा महाकाल की मूर्ति को चांदी का मुकुट, त्रिपुंड, त्रिनेत्र और मस्तक पर गंगा धारा से सजाया गया।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह भस्म आरती का आयोजन हुआ, जिसमें शहर व आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर के प्रांगण में जमा होकर भक्तों ने इस पवित्र अनुष्ठान को देखा, जो इस प्राचीन शैव मंदिर की दैनिक पूजा का अभिन्न हिस्सा है।
आरती के दौरान पुजारीयों ने बाबा महाकाल की मूर्ति पर चांदी का मुकुट, पारंपरिक मुंडमाला, त्रिपुंड और त्रिनेत्र चिह्न लगाए। साथ ही मस्तक पर पवित्र गंगा की धारा से बनी माला भी रखी गई, जो शुद्धि और सम्मान का प्रतीक है।
भक्तों ने "जय श्री महाकाल" के जयकारों के साथ आरती के घंटे बजाए, जिससे मंदिर परिसर गूँज उठा। भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा कर्मियों ने व्यवस्था बनाई, जिससे अनुष्ठान की पवित्रता बनी रही।
आयोजकों ने बताया कि इस बड़ी उपस्थिति से स्थानीय जनसमुदाय की गहरी श्रद्धा और मध्य भारत में महाकालेश्वर के तीर्थस्थल के महत्व का पता चलता है।
मंदिर प्रबंधन ने इस भस्म आरती के अलावा कोई विशेष कार्यक्रम नहीं बताया, परन्तु इस बार की सजावट ने इस सुबह की पूजा की महत्ता को उजागर किया।
आरती के दौरान पुजारीयों ने बाबा महाकाल की मूर्ति पर चांदी का मुकुट, पारंपरिक मुंडमाला, त्रिपुंड और त्रिनेत्र चिह्न लगाए। साथ ही मस्तक पर पवित्र गंगा की धारा से बनी माला भी रखी गई, जो शुद्धि और सम्मान का प्रतीक है।
भक्तों ने "जय श्री महाकाल" के जयकारों के साथ आरती के घंटे बजाए, जिससे मंदिर परिसर गूँज उठा। भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा कर्मियों ने व्यवस्था बनाई, जिससे अनुष्ठान की पवित्रता बनी रही।
आयोजकों ने बताया कि इस बड़ी उपस्थिति से स्थानीय जनसमुदाय की गहरी श्रद्धा और मध्य भारत में महाकालेश्वर के तीर्थस्थल के महत्व का पता चलता है।
मंदिर प्रबंधन ने इस भस्म आरती के अलावा कोई विशेष कार्यक्रम नहीं बताया, परन्तु इस बार की सजावट ने इस सुबह की पूजा की महत्ता को उजागर किया।