📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nikhilb239
रक्षा
भोपाल में आर्मी डे परेड के लिये बीएचईएल कालीबाड़ी रोड का सुदृढ़ीकरण
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 09 अक्टू. 2026, 05:15 AM
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भोपाल में 15 जनवरी को होने वाले आर्मी डे परेड के लिये बीएचईएल के कालीबाड़ी मार्ग की 3.5 किमी लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा कर सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे 60 टन तक के सैन्य वाहन और टैंक आसानी से गुजर सकेंगे।
मध्य प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी को निर्धारित वार्षिक आर्मी डे परेड के लिये भोपाल के बीएचईएल कालीबाड़ी मार्ग का व्यापक नवीनीकरण करने का आदेश दिया है। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को सुदृढ़ कर 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे भारी सैन्य उपकरण बिना रुकावट के चल सकें।
इस सुधार का मुख्य उद्देश्य 60 टन तक के सैन्य वाहन, विशेषकर मुख्य युद्ध टैंक, को परेड में शामिल करने के लिये पर्याप्त क्षमता प्रदान करना है। अधिकारियों का कहना है कि 50,000 दर्शकों की अनुमानित भीड़ को ध्यान में रखते हुए विस्तारित मार्ग ट्रैफ़िक प्रवाह को भी सुगम बनाएगा।
निर्माण दल कड़ी समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिये जुटे हैं, जबकि सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। इस सुधारित सड़क को भविष्य में भी रक्षा प्रदर्शन और लॉजिस्टिक संचालन के लिये उपयोग किया जाएगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने रक्षा विभाग के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि सड़क आवश्यक लोड‑बेयरिंग मानकों को पूरा करे। यह परियोजना भारत के सशस्त्र बलों को राष्ट्रीय आर्मी डे के अवसर पर प्रदर्शित करने में भोपाल की भूमिका को उजागर करती है।
इस सुधार का मुख्य उद्देश्य 60 टन तक के सैन्य वाहन, विशेषकर मुख्य युद्ध टैंक, को परेड में शामिल करने के लिये पर्याप्त क्षमता प्रदान करना है। अधिकारियों का कहना है कि 50,000 दर्शकों की अनुमानित भीड़ को ध्यान में रखते हुए विस्तारित मार्ग ट्रैफ़िक प्रवाह को भी सुगम बनाएगा।
निर्माण दल कड़ी समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिये जुटे हैं, जबकि सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। इस सुधारित सड़क को भविष्य में भी रक्षा प्रदर्शन और लॉजिस्टिक संचालन के लिये उपयोग किया जाएगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने रक्षा विभाग के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि सड़क आवश्यक लोड‑बेयरिंग मानकों को पूरा करे। यह परियोजना भारत के सशस्त्र बलों को राष्ट्रीय आर्मी डे के अवसर पर प्रदर्शित करने में भोपाल की भूमिका को उजागर करती है।