Local
बहेड़ी में लौह पुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा का भव्य अनावरण, राष्ट्रीय एकता का संदेश
बहेड़ी के सिंह गौंटिया मोड़ पर भारत रत्न व लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का भव्य अनावरण हुआ, जिसमें भाजपा की राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रश्मि जायसवाल सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे।
बहेड़ी के सिंह गौंटिया मोड़ स्थित पार्क में रविवार को भारत रत्न एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, उनके प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्य अतिथि भाजपा की राज्यसभा श्रीमति श्रुति गंगवार रहीं। नगर पालिका परिषद बहेड़ी की अध्यक्ष रश्मि जायसवाल, बार्बी जायसवाल, निशिथ गंगवार, स्वाति गंगवार, चौधरी आराम सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिमा पर नमन करते हुए देशभक्ति के प्रतीक सरदार पटेल के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के अद्वितीय व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण से भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार मिला, तथा उनका जीवन देशभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा की मिसाल है।
सिंह गौंटिया मोड़ पर स्थापित यह प्रतिमा क्षेत्र की पहचान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यह स्मारक लोगों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देता रहेगा।
मुख्य अतिथि भाजपा की राज्यसभा श्रीमति श्रुति गंगवार रहीं। नगर पालिका परिषद बहेड़ी की अध्यक्ष रश्मि जायसवाल, बार्बी जायसवाल, निशिथ गंगवार, स्वाति गंगवार, चौधरी आराम सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिमा पर नमन करते हुए देशभक्ति के प्रतीक सरदार पटेल के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के अद्वितीय व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण से भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार मिला, तथा उनका जीवन देशभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा की मिसाल है।
सिंह गौंटिया मोड़ पर स्थापित यह प्रतिमा क्षेत्र की पहचान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यह स्मारक लोगों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देता रहेगा।