📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Environment, Forest and Climate Change
स्वास्थ्य
भड़वाज ने चेतावनी: AQI डेटा में हेराफेरी से सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे में
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 06 नव. 2026, 07:33 PM
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स्वास्थ्य अधिकारी भड़वाज ने चेतावनी दी कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों में हेराफेरी जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डालती है और पारदर्शिता की मांग की।
दिल्ली के स्वास्थ्य विशेषज्ञ भड़वाज ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों में हेराफेरी के हालिया आरोपों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने अमर उजाला को दिए बयान में कहा कि प्रदूषण माप को बदलना सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को कमजोर करता है और प्रभावी प्रतिक्रिया उपायों में बाधा डालता है।
भड़वाज ने बताया कि सटीक AQI रिपोर्टिंग नागरिकों को हानिकारक वायु स्थितियों के बारे में सूचित करने, बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों जैसे संवेदनशील समूहों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है। इन आँकड़ों में कोई भी हेराफेरी असंगत सुरक्षा कदमों और अधिक प्रदूषण के संपर्क में आने का कारण बन सकती है।
अधिकारी ने निगरानी स्टेशनों की कड़ी निगरानी और डेटा साझा करने में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने मीडिया और नागरिक समाज से भी AQI प्रकटीकरण की जाँच करने का आह्वान किया, ताकि जनता को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भरोसेमंद जानकारी मिल सके।
भड़वाज ने बताया कि सटीक AQI रिपोर्टिंग नागरिकों को हानिकारक वायु स्थितियों के बारे में सूचित करने, बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों जैसे संवेदनशील समूहों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है। इन आँकड़ों में कोई भी हेराफेरी असंगत सुरक्षा कदमों और अधिक प्रदूषण के संपर्क में आने का कारण बन सकती है।
अधिकारी ने निगरानी स्टेशनों की कड़ी निगरानी और डेटा साझा करने में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने मीडिया और नागरिक समाज से भी AQI प्रकटीकरण की जाँच करने का आह्वान किया, ताकि जनता को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भरोसेमंद जानकारी मिल सके।