भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों ने पेश की मानवता की मिसाल, रामलीला मैदान से लापता परी को तलाश कर बहन के सुपुर्द किया
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हाथरस। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों ने एक सराहनीय पहल की। हाथरस में घर से लापता हुई परी को तलाश कर सकुशल उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। इस मानवीय कार्य में भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम, शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परी के सकुशल मिलने से परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली।
समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों ने एक सराहनीय पहल की। हाथरस में घर से लापता हुई परी को तलाश कर सकुशल उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। इस मानवीय कार्य में भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम, शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परी के सकुशल मिलने से परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली।
सुबह घर से लापता हुई थी परी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे परी बट्टा वाली गली, शिव कॉलोनी स्थित अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों के अनुसार, परी अपने साथ लगभग 500 रुपये नकद लेकर घर से निकली थी। काफी समय तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता सताने लगी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। परिवार के लोग उसकी सुरक्षा को लेकर परेशान थे और लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
परी के लापता होने की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम ने शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी के साथ मिलकर उसकी तलाश में सहयोग किया। तीनों ने आपसी तालमेल के साथ परी का पता लगाने के प्रयास किए। तलाश के दौरान परी को हाथरस के रामलीला मैदान से खोज लिया गया।
परी के मिलने के बाद उसे सकुशल उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। इस तरह परिवार की चिंता दूर हुई और परिजनों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, परी के लापता होने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अमन गौतम सहित तीन लोगों के प्रयासों की सराहना
इस पूरे मामले में जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम के साथ शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। तीनों ने जरूरत के समय एक परिवार की सहायता के लिए आगे आकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। उनके इस प्रयास को मानवता, आपसी सहयोग और जनसेवा की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) किसानों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले संगठन के रूप में कार्य करता है। संगठन के पदाधिकारियों द्वारा इस तरह जरूरतमंद परिवार की सहायता के लिए आगे आना सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है।
मानवता और सामाजिक सहयोग का दिया संदेश
परी को तलाश कर उसकी बहन के सुपुर्द किए जाने से परिवार को राहत मिली। इस घटना ने यह संदेश दिया कि संकट के समय लोगों की मदद के लिए आगे आना समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। अमन गौतम, शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी के इस प्रयास की सराहना की जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों की इस पहल ने सामाजिक सहयोग और मानवता की भावना को सामने रखा।
सुबह घर से लापता हुई थी परी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे परी बट्टा वाली गली, शिव कॉलोनी स्थित अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों के अनुसार, परी अपने साथ लगभग 500 रुपये नकद लेकर घर से निकली थी। काफी समय तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता सताने लगी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। परिवार के लोग उसकी सुरक्षा को लेकर परेशान थे और लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
परी के लापता होने की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम ने शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी के साथ मिलकर उसकी तलाश में सहयोग किया। तीनों ने आपसी तालमेल के साथ परी का पता लगाने के प्रयास किए। तलाश के दौरान परी को हाथरस के रामलीला मैदान से खोज लिया गया।
परी के मिलने के बाद उसे सकुशल उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। इस तरह परिवार की चिंता दूर हुई और परिजनों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, परी के लापता होने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अमन गौतम सहित तीन लोगों के प्रयासों की सराहना
इस पूरे मामले में जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अमन गौतम के साथ शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। तीनों ने जरूरत के समय एक परिवार की सहायता के लिए आगे आकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। उनके इस प्रयास को मानवता, आपसी सहयोग और जनसेवा की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) किसानों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले संगठन के रूप में कार्य करता है। संगठन के पदाधिकारियों द्वारा इस तरह जरूरतमंद परिवार की सहायता के लिए आगे आना सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है।
मानवता और सामाजिक सहयोग का दिया संदेश
परी को तलाश कर उसकी बहन के सुपुर्द किए जाने से परिवार को राहत मिली। इस घटना ने यह संदेश दिया कि संकट के समय लोगों की मदद के लिए आगे आना समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। अमन गौतम, शुआलीन कुरैशी और हर्षिल फौजी के इस प्रयास की सराहना की जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन (अमर टिकैत) के पदाधिकारियों की इस पहल ने सामाजिक सहयोग और मानवता की भावना को सामने रखा।