स्थानीय
बिहार में 12 हज़ार करोड़ रुपये की योजना से 2.25 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा लो वोल्टेज राहत
ऊर्जा विभाग ने लो वोल्टेज समस्याओं को कम करने हेतु 12 हज़ार करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की, जिससे 2.25 करोड़ उपभोक्ताओं को लाभ की उम्मीद है।
ऊर्जा विभाग ने लो वोल्टेज और बार‑बार बिजली कटौती की समस्याओं को कम करने हेतु लगभग 12,000 करोड़ रुपये की बड़ी योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत राज्य में पुराने और जर्जर बिजली के तार, पोल तथा कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना से लगभग 2.25 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। पुराने तारों और पोलों को बदलने तथा ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने से लो वोल्टेज, बार‑बार बाधित होने और ट्रांसफार्मर जलने जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
योजना के खर्च का विवरण इस प्रकार है—पोल और केबल वाले तारों के लिए लगभग 8,465 करोड़ रुपये, बांस‑बल्ले पर लगे तारों को बदलने के लिए 2,262 करोड़ रुपये तथा 12,000 ट्रांसफार्मर के प्रतिस्थापन के लिए 370 करोड़ रुपये। उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी के 21 जिलों में 6,066 करोड़ रुपये और दक्षिण बिहार के 17 जिलों में 5,031 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
ऊर्जा विभाग इस कार्य को वित्तपोषित करने हेतु बैंकों से ऋण लेने की तैयारी कर रहा है और प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा गया है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद ही कार्य प्रारम्भ होगा तथा कार्यकाल और जिलास्तर कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा बाकी है।
योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की बढ़ती खपत के कारण उत्पन्न दबाव को कम करेगी, वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी और दुर्घटनाओं की आशंका को घटाएगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है; अंतिम स्वीकृति और कार्यान्वयन की समय‑सीमा के लिए ऊर्जा विभाग या बिहार सरकार की आधिकारिक सूचना देखें।
रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना से लगभग 2.25 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। पुराने तारों और पोलों को बदलने तथा ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने से लो वोल्टेज, बार‑बार बाधित होने और ट्रांसफार्मर जलने जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
योजना के खर्च का विवरण इस प्रकार है—पोल और केबल वाले तारों के लिए लगभग 8,465 करोड़ रुपये, बांस‑बल्ले पर लगे तारों को बदलने के लिए 2,262 करोड़ रुपये तथा 12,000 ट्रांसफार्मर के प्रतिस्थापन के लिए 370 करोड़ रुपये। उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी के 21 जिलों में 6,066 करोड़ रुपये और दक्षिण बिहार के 17 जिलों में 5,031 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
ऊर्जा विभाग इस कार्य को वित्तपोषित करने हेतु बैंकों से ऋण लेने की तैयारी कर रहा है और प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा गया है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद ही कार्य प्रारम्भ होगा तथा कार्यकाल और जिलास्तर कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा बाकी है।
योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की बढ़ती खपत के कारण उत्पन्न दबाव को कम करेगी, वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी और दुर्घटनाओं की आशंका को घटाएगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है; अंतिम स्वीकृति और कार्यान्वयन की समय‑सीमा के लिए ऊर्जा विभाग या बिहार सरकार की आधिकारिक सूचना देखें।