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09 Oct 2026•
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भाजपा को बड़ा झटका: दो बार के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी पार्टी, सपा में जाने के संकेत

✍️ Reporter: Vikas Yadav 🗓 09 Oct 2026, 07:10 AM 👁 14
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले रुहेलखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आंवला लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच रुहेलखंड के सियासी गलियारों में बड़ा भूचाल आ गया है। आंवला लोकसभा क्षेत्र से दो बार के भारतीय जनता पार्टी सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद ने भाजपा के संगठन और स्थानीय नेताओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ भितरघात करने वाले नेताओं को पार्टी ने कार्रवाई करने के बजाय बड़े पदों से नवाजा है।

धर्मेंद्र कश्यप ने कहा, "2024 में मेरी खुलकर खिलाफत करने वालों को पार्टी में बढ़ावा दिए जाने से मैं बेहद आहत हूं। समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय भितरघातियों को शह दी जा रही है। जब ऐसे अनुशासनहीन लोगों पर एक्शन नहीं होता, तो मेरे जैसे निष्ठावान कार्यकर्ता का 'टाटा-बाय बाय' कहना स्वाभाविक है।" उन्होंने मंगलवार शाम को फेसबुक पर 'टाटा-बाय बाय' लिखकर अटकलों को हवा दी थी, जिसके बाद बुधवार सुबह उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा छोड़ने की घोषणा की।

भविष्य के राजनीतिक कदम पर बात करते हुए धर्मेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी में जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अगला फैसला लेंगे। सियासी जानकारों का मानना है कि कश्यप सपा के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं। 2024 में वह सपा के नीरज मौर्य से मामूली अंतर से चुनाव हारे थे।

उनकी बेटी कीर्ति कश्यप आगामी विधानसभा चुनाव की सक्रिय तैयारी कर रही हैं। ऐसे में यदि कश्यप परिवार सपा का रुख करता है, तो पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बना सकती है। रुहेलखंड के कश्यप-निषाद बहुल वोट बैंक पर धर्मेंद्र कश्यप की मजबूत पकड़ के चलते उनका भाजपा छोड़ना पार्टी के लिए एक बड़ा सांगठनिक नुकसान माना जा रहा है।
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