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भागलपुर में तेज रफ्तार ने एक मेडिकल छात्र का स्कूटी में मारा धक्का इलाज के दौरान हुई मौत

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 07 Nov 2026, 08:08 PM 👁 32
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भागलपुर में एक तेज रफ्तार डॉक्टर के कार ने स्कूटी सवार मेडिकल छात्र को मारा धक्का , जिसका इलाज के क्रम में मौत हो जाए,

हेडलाइन – भागलपुर में नशे में धुत डॉक्टर की कार ने ली MBBS छात्र की जान, साथी छात्रों का फूटा गुस्सा, OPD बंद कर किया प्रदर्शन

Bhagalpur
Rajeev ranjan
07/11/26

भागलपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट


रफ्तार और नशे के कहर ने बुझाया मेडिकल छात्र रितेश सोनी का चिराग, आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी और 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े छात्र

भागलपुर में नशे में धुत एक डॉक्टर की तेज रफ्तार कार ने एक होनहार मेडिकल छात्र की जिंदगी छीन ली। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र की कार ने कॉलेज के ही MBBS 2023 बैच के छात्र रितेश सोनी की स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल रितेश को पहले मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस जांच में कार चालक के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। इस दर्दनाक घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। मृतक के साथी छात्र-छात्राओं ने OPD सेवा बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


गुरुवार देर रात मेडिकल कॉलेज की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने रितेश सोनी की स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रितेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक ने रुककर घायल की मदद करने के बजाय मौके से भागने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल रितेश को तत्काल मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया। रात करीब दो बजे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल और अस्पताल अधीक्षक डॉ. एपी दुबे भी अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद रितेश की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस से PMCH रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस हादसे में कार चला रहे पीजी छात्र की पहचान आंध्र प्रदेश के थुमुकुड़ा निवासी गौरव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, जांच में उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि होने की बात सामने आई है। घटना से आक्रोशित MBBS के छात्र-छात्राओं ने OPD बंद कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। छात्रों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टर गौरव, सर्जरी विभाग के डॉक्टर चंद्रमोहन और पीडियाट्रिक्स विभाग की आकांक्षा कुमारी, शिवानी कुमारी एवं रुचि भी इस पूरे मामले से जुड़े हैं। छात्रों का दावा है कि हादसे के वक्त डॉक्टर गौरव नशे में धुत थे और वही कार चला रहे थे। हालांकि, मामले में सभी की भूमिका की जांच जरूरी है। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन से भी जवाब मांगा और कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान में इस तरह की घटना बेहद गंभीर है।

इस दौरान छात्रों को समझाने पहुंचे भागलपुर विधायक रोहित पांडे ने उन्हें उचित न्याय दिलाने और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया। वहीं, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है और दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जिन लोगों पर छात्रों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भूमिका को लेकर भी बातचीत की जाएगी। फिलहाल दिवाली और छठ के बीच छात्र-छात्राओं को छुट्टी देने की बात भी कही गई, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे, इस पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर करना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि यदि रितेश को समय पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बेहतर इलाज मिल पाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस आरोप की वास्तविकता और इलाज में हुई देरी की भूमिका की जांच जरूरी है।


फिलहाल एक होनहार मेडिकल छात्र की मौत से पूरे मेडिकल कॉलेज में शोक और आक्रोश का माहौल है। एक तरफ साथी छात्र न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर हैं, तो दूसरी तरफ अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस हादसे से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका क्या सामने आती है और मेडिकल कॉलेज प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

बाइट रेन कुमारी, छात्रा
बाइट डॉ. एच. के. दुबे, अधीक्षक, JLNMCH
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