📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gpkp
शिक्षा
बेंगलुरु और चिक्मगलुरु पुलिस अकादमी ने पेटा इंडिया के साथ पशु क्रूरता कार्यशालाओं के लिए साझेदारी की
✍️ PETA India
🗓 25 अग. 2026, 05:37 AM
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बेंगलुरु और चिक्मगलुरु के पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों ने पेटा इंडिया को पशु क्रूरता रोकने के लिए कार्यशालाएँ आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया है।
कर्नाटक पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, बेंगलुरु और चिक्मगलुरु ने पेटा इंडिया के साथ मिलकर पशु कल्याण पर कार्यशालाओं की श्रृंखला आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन सत्रों का उद्देश्य पुलिस प्रशिक्षुओं और वर्तमान अधिकारियों को पशु क्रूरता रोकने के कानूनी और नैतिक पहलुओं से अवगत कराना है, जो हाल के वर्षों में अधिक महत्व प्राप्त कर चुका है।
पेटा इंडिया इस प्रशिक्षण का नेतृत्व करेगा, जिसमें पशु संरक्षण अधिनियम, आवारा व घायल पशुओं की उचित देखभाल, और पशु‑संबंधी अपराधों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया जैसे विषय शामिल होंगे। संगठन का लक्ष्य पुलिस कर्मियों को दुरुपयोग और उपेक्षा के मामलों में प्रभावी हस्तक्षेप के लिए व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
यह पहल राज्य प्राधिकरणों की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पुलिस पाठ्यक्रम में पशु‑अधिकार शिक्षा को सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर पशु‑सुरक्षा कानूनों के प्रवर्तन को मजबूत किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्यक्रम से पशु‑संबंधी घटनाओं में प्रतिक्रिया समय और परिणाम दोनों में सुधार होगा।
पहली कार्यशालाओं का क्रम अगले सप्ताह से शुरू होगा, जिसमें नए भर्ती और अनुभवी दोनों प्रकार के अधिकारियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के प्रभाव को मापने और भविष्य के प्रशिक्षण मॉड्यूल को परिष्कृत करने के लिए प्रतिक्रिया एकत्र की जाएगी।
पेटा इंडिया इस प्रशिक्षण का नेतृत्व करेगा, जिसमें पशु संरक्षण अधिनियम, आवारा व घायल पशुओं की उचित देखभाल, और पशु‑संबंधी अपराधों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया जैसे विषय शामिल होंगे। संगठन का लक्ष्य पुलिस कर्मियों को दुरुपयोग और उपेक्षा के मामलों में प्रभावी हस्तक्षेप के लिए व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
यह पहल राज्य प्राधिकरणों की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पुलिस पाठ्यक्रम में पशु‑अधिकार शिक्षा को सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर पशु‑सुरक्षा कानूनों के प्रवर्तन को मजबूत किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्यक्रम से पशु‑संबंधी घटनाओं में प्रतिक्रिया समय और परिणाम दोनों में सुधार होगा।
पहली कार्यशालाओं का क्रम अगले सप्ताह से शुरू होगा, जिसमें नए भर्ती और अनुभवी दोनों प्रकार के अधिकारियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के प्रभाव को मापने और भविष्य के प्रशिक्षण मॉड्यूल को परिष्कृत करने के लिए प्रतिक्रिया एकत्र की जाएगी।