📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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बंगाल, गोवा, केरल में ओडिशा की तटीय पुलिसिंग को अपनाने की इच्छा
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 09:03 PM
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पश्चिम बंगाल, गोवा और केरल ने ओडिशा की तटीय पुलिसिंग प्रणाली को अपनाकर अपने तटों की सुरक्षा बढ़ाने की इच्छा जताई है।
पश्चिम बंगाल, गोवा और केरल की सरकारों ने ओडिशा की तटीय पुलिसिंग प्रणाली को अपनाने की इच्छा जताई है, जिसे पूर्वी तट पर अवैध मछली पकड़ना, तस्करी और अन्य समुद्री अपराधों को रोकने में सफल माना गया है। ओडिशा का मॉडल राज्य पुलिस, भारतीय कोस्ट गार्ड और स्थानीय मत्स्य विभागों को एकीकृत करता है, जिससे संयुक्त गश्त और तेज़ नावों व निगरानी तकनीक से सुसज्जित एक विशेष तटीय पुलिस बल तैयार किया गया है।
इन तीन राज्यों के अधिकारियों ने ओडिशा के संचालन दिशानिर्देशों का अध्ययन किया है और अपने तटीय क्षेत्रों के अनुसार समान संरचनाओं को अनुकूलित करने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम बढ़ते समुद्री तस्करी और अनियंत्रित मछली पकड़ने की चिंताओं के जवाब में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यदि लागू किया गया, तो नई व्यवस्था में विशेष तटीय पुलिस कर्मियों की भर्ती, हाई‑स्पीड नौकाओं का तैनाती और प्रत्येक राज्य में तटीय कमांड सेंटर की स्थापना शामिल हो सकती है। इस पहल को केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय नौसेना के साथ समन्वय में चलाया जाएगा ताकि एजेंसियों के बीच सहज सहयोग सुनिश्चित हो सके।
राज्य अभी तक कार्यान्वयन की समयसीमा नहीं बता पाए हैं, पर वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा के अनुभव को मॉडल बनाकर फंडिंग और तकनीकी सहायता के लिए चर्चा चल रही है।
इन तीन राज्यों के अधिकारियों ने ओडिशा के संचालन दिशानिर्देशों का अध्ययन किया है और अपने तटीय क्षेत्रों के अनुसार समान संरचनाओं को अनुकूलित करने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम बढ़ते समुद्री तस्करी और अनियंत्रित मछली पकड़ने की चिंताओं के जवाब में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यदि लागू किया गया, तो नई व्यवस्था में विशेष तटीय पुलिस कर्मियों की भर्ती, हाई‑स्पीड नौकाओं का तैनाती और प्रत्येक राज्य में तटीय कमांड सेंटर की स्थापना शामिल हो सकती है। इस पहल को केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय नौसेना के साथ समन्वय में चलाया जाएगा ताकि एजेंसियों के बीच सहज सहयोग सुनिश्चित हो सके।
राज्य अभी तक कार्यान्वयन की समयसीमा नहीं बता पाए हैं, पर वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा के अनुभव को मॉडल बनाकर फंडिंग और तकनीकी सहायता के लिए चर्चा चल रही है।