📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
राजनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों की लड़ाई तेज, सपा और कांग्रेस को ओवैसी की चुनौती
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 15 सित. 2026, 06:36 AM
👁 11
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दल मुस्लिम वोटरों का समर्थन हासिल करने की रणनीति बना रहे हैं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के प्रभाव को देखते हुए।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मतदाता वर्ग केंद्र में आ गया है, क्योंकि दल इसके संभावित प्रभाव को भांप रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों अपने समीक्षा कर रहे हैं कि कैसे मुस्लिम मतदाताओं के बीच समर्थन को मजबूत किया जाए, जो कई सीटों पर महत्वपूर्ण हिस्सा रखते हैं।
दल के नेता मानते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम की उपस्थिति ने एक नई गतिशीलता ला दी है, जिससे उन्हें वोटों के विभाजन को रोकने के उपायों पर विचार करना पड़ रहा है। सपा और कांग्रेस के अंदर चर्चा उम्मीदवार चयन, समुदाय संपर्क और संभावित सीट साझाकरण की व्यवस्था पर केंद्रित है।
स्थानीय मुस्लिम नेताओं और संगठनों के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयास चल रहे हैं, साथ ही व्यापक विकास मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है जो सभी समुदायों के लिए आकर्षक हैं। दलों का लक्ष्य एक एकजुट मोर्चा पेश करना है जो क्षेत्रीय या पहचान‑आधारित कारकों से होने वाले किसी भी विभाजन का मुकाबला कर सके।
दल के नेता मानते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम की उपस्थिति ने एक नई गतिशीलता ला दी है, जिससे उन्हें वोटों के विभाजन को रोकने के उपायों पर विचार करना पड़ रहा है। सपा और कांग्रेस के अंदर चर्चा उम्मीदवार चयन, समुदाय संपर्क और संभावित सीट साझाकरण की व्यवस्था पर केंद्रित है।
स्थानीय मुस्लिम नेताओं और संगठनों के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयास चल रहे हैं, साथ ही व्यापक विकास मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है जो सभी समुदायों के लिए आकर्षक हैं। दलों का लक्ष्य एक एकजुट मोर्चा पेश करना है जो क्षेत्रीय या पहचान‑आधारित कारकों से होने वाले किसी भी विभाजन का मुकाबला कर सके।