📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
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बारापुल्ला कॉरिडोर से मयूर विहार‑AIIMS तक 15 मिनट, 9 किमी बिना लाल बत्ती
✍️ News18
🗓 21 सित. 2026, 09:31 AM
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दिल्ली के बारापुल्ला कॉरिडोर ने 9 किमी पर सभी लाल बत्तियों को हटाकर मयूर विहार‑AIIMS के बीच यात्रा समय को लगभग 15 मिनट कर दिया है।
दिल्ली के बारापुल्ला कॉरिडोर, जो मयूर विहार को AIIMS से जोड़ता है, 9 किमी की पूरी दूरी पर कोई लाल बत्ती नहीं रखी गई है, जिससे वाहन बिना रुकावट के चल सकें। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सामान्य यात्रा समय लगभग पंद्रह मिनट तक घट सकता है, जबकि पीक घंटे में यह अक्सर तीस मिनट से अधिक रहता है।
यह कॉरिडोर शहर के पूर्वी भाग की भीड़ को कम करने के व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसमें ग्रेड‑सेपरेटेड फ़्लाईओवर और निजी व सार्वजनिक दोनों वाहनों के लिए समर्पित लेन शामिल हैं। शुरुआती ट्रैफ़िक डेटा से पता चलता है कि मुख्य मार्ग पर इंतज़ार का समय काफी घटा है।
परिवहन विभाग अगले कुछ हफ़्तों में फ़ीडर रोडों पर सिग्नल टाइमिंग को समायोजित करने की योजना बना रहा है, जबकि मुख्य 9 किमी पर लाल बत्ती नहीं लगेगी। इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और AIIMS तक तेज़ पहुँच मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि इससे कार्यस्थल, स्कूल और अस्पताल तक की यात्रा तेज़ होगी। बारापुल्ला कॉरिडोर के संचालन से दिल्ली‑नोएडा डायरेक्ट फ़्लाईओवर जैसे निकटवर्ती प्रमुख मार्गों पर भी दबाव कम होने की संभावना है।
कॉरिडोर वर्तमान में चालू है और अधिकारियों ने सुरक्षा व दक्षता बढ़ाने के लिए गति सीमा और लेन अनुशासन का पालन करने की सलाह दी है।
यह कॉरिडोर शहर के पूर्वी भाग की भीड़ को कम करने के व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसमें ग्रेड‑सेपरेटेड फ़्लाईओवर और निजी व सार्वजनिक दोनों वाहनों के लिए समर्पित लेन शामिल हैं। शुरुआती ट्रैफ़िक डेटा से पता चलता है कि मुख्य मार्ग पर इंतज़ार का समय काफी घटा है।
परिवहन विभाग अगले कुछ हफ़्तों में फ़ीडर रोडों पर सिग्नल टाइमिंग को समायोजित करने की योजना बना रहा है, जबकि मुख्य 9 किमी पर लाल बत्ती नहीं लगेगी। इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और AIIMS तक तेज़ पहुँच मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि इससे कार्यस्थल, स्कूल और अस्पताल तक की यात्रा तेज़ होगी। बारापुल्ला कॉरिडोर के संचालन से दिल्ली‑नोएडा डायरेक्ट फ़्लाईओवर जैसे निकटवर्ती प्रमुख मार्गों पर भी दबाव कम होने की संभावना है।
कॉरिडोर वर्तमान में चालू है और अधिकारियों ने सुरक्षा व दक्षता बढ़ाने के लिए गति सीमा और लेन अनुशासन का पालन करने की सलाह दी है।