📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Technark-1
अपराध
बारां के एसडीएम हवाइ सिंह यादव पर एसीबी ने जमीन के स्थगन आदेश के बदले रिश्वत के आरोप में केस दर्ज किया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 18 सित. 2026, 10:00 PM
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एसीबी ने बारां के एसडीएम हवाइ सिंह यादव के खिलाफ जमीन के एग्रीमेंट पर लगे स्थगन आदेश हटाने के लिए रिश्वत की माँग करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया, जिसमें रकम ₹5 लाख से घटाकर ₹45,000 बताई गई।
बारां जिले के अंता एसडीएम हवाइ सिंह यादव पर राजस्थान एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जमीन के एग्रीमेंट पर लगे स्थगन आदेश को हटाने के बदले रिश्वत की माँग करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है। गोपनीय जांच के बाद मिली शिकायत में बताया गया है कि यादव ने आदेश हटाने के लिए पैसा मांगा।
जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रारम्भिक माँग पाँच लाख रुपये थी, जिसे बाद में बातचीत के दौरान चालीस‑पाँच हजार रुपये तक घटा दिया गया, जिसके बाद स्थगन आदेश हटाया गया। एसीबी ने इस भुगतान को न्यायिक प्रतिबंध को बदलने के लिए एसडीएम की शक्ति से जोड़ा है।
एसीबी ने कहा है कि मामला भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आगे बढ़ाया जाएगा और सार्वजनिक पदधारियों को रिश्वत स्वीकार करने पर कड़ी सजा मिलती है।
यदि दोषी ठहराए जाते हैं तो यादव को सेवा से बर्खास्तगी, जुर्माना और कारावास सहित कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जो राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को दर्शाता है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रारम्भिक माँग पाँच लाख रुपये थी, जिसे बाद में बातचीत के दौरान चालीस‑पाँच हजार रुपये तक घटा दिया गया, जिसके बाद स्थगन आदेश हटाया गया। एसीबी ने इस भुगतान को न्यायिक प्रतिबंध को बदलने के लिए एसडीएम की शक्ति से जोड़ा है।
एसीबी ने कहा है कि मामला भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आगे बढ़ाया जाएगा और सार्वजनिक पदधारियों को रिश्वत स्वीकार करने पर कड़ी सजा मिलती है।
यदि दोषी ठहराए जाते हैं तो यादव को सेवा से बर्खास्तगी, जुर्माना और कारावास सहित कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जो राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को दर्शाता है।