📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vedrishi1008
बिज़नेस
इंदौर में बैंक हड़ताल, 650 से अधिक शाखाएँ बंद, लेन‑देन रुके
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 सित. 2026, 08:02 PM
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इंदौर में पाँच दिवसीय बैंक हड़ताल के कारण 848 में से लगभग 652 शाखाएँ बंद रही, जिससे करोड़ों रुपये के लेन‑देन रुके।
इंदौर में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की 848 शाखाओं में से लगभग 652 शाखाएँ बंद रह गईं, जिससे बैंकिंग कार्यवाही पूरी तरह रुक गई। यह हड़ताल पाँच दिवसीय बैंक सप्ताह के हिस्से के रूप में आयोजित की गई थी, जिसमें कर्मचारियों ने कई अनसुलझी माँगों को लेकर विरोध जताया।
शाखाओं के बंद होने से नकद निकासी, जमा और अन्य सामान्य लेन‑देन पर रोक लग गई, जिससे प्रतिदिन करोड़ों रुपये के लेन‑देन पर असर पड़ा। ग्राहकों को बाद में फिर से आने या वैकल्पिक बैंकिंग माध्यमों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया, पर कई लोगों को अपनी रकम तक पहुँचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह हड़ताल कई बैंकों के कर्मचारियों द्वारा संगठित है और प्रबंधन के साथ बातचीत जारी है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि विवाद सुलझते ही आवश्यक सेवाएँ पुनः शुरू की जाएँगी।
यह घटना शहरी वित्तीय बुनियादी ढाँचे की संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर मध्य भारत के वाणिज्यिक केंद्र इंदौर में। सभी पक्ष स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं क्योंकि हड़ताल अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर चुकी है।
शाखाओं के बंद होने से नकद निकासी, जमा और अन्य सामान्य लेन‑देन पर रोक लग गई, जिससे प्रतिदिन करोड़ों रुपये के लेन‑देन पर असर पड़ा। ग्राहकों को बाद में फिर से आने या वैकल्पिक बैंकिंग माध्यमों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया, पर कई लोगों को अपनी रकम तक पहुँचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह हड़ताल कई बैंकों के कर्मचारियों द्वारा संगठित है और प्रबंधन के साथ बातचीत जारी है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि विवाद सुलझते ही आवश्यक सेवाएँ पुनः शुरू की जाएँगी।
यह घटना शहरी वित्तीय बुनियादी ढाँचे की संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर मध्य भारत के वाणिज्यिक केंद्र इंदौर में। सभी पक्ष स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं क्योंकि हड़ताल अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर चुकी है।