📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bangladesher Cholochchitrer Itihash by Anupam Haya
मनोरंजन
बांग्लादेश की पहली फिल्म 'मुख ओ मुखोश' ने 1935 में इतिहास रचा
✍️ The Daily Star
🗓 03 अग. 2026, 06:38 PM
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बांग्लादेश की पहली फ़ीचर फ़िल्म 'मुख ओ मुखोश', 1935 में अब्दुल जबार खान के निर्देशन में बनाई गई, देश के सिनेमा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
1935 में बनी 'मुख ओ मुखोश' बांग्लादेश की पहली फ़ीचर फ़िल्म थी, जिसे अब्दुल जबार खान ने निर्देशित किया और धाका फ़िल्म कंपनी ने निर्मित किया।
काले‑सफेद में शूट की गई यह फ़िल्म धाका में फिल्माई गई और स्थानीय कलाकारों के समूह को दर्शाती है, जिनमें प्रसिद्ध गायक‑अभिनेता काज़ी नज़रुल इस्लाम भी शामिल हैं।
21 फरवरी 1935 को इसकी रिलीज़ पर बड़े दर्शक जुटे और इसने क्षेत्र में बंगाली फ़िल्म उद्योग की नींव रखी।
उत्पादन को सीमित संसाधनों के बावजूद, प्रारंभिक दक्षिण एशियाई फ़िल्म निर्माताओं की तकनीकी और कलात्मक महत्वाकांक्षा को दर्शाया गया।
आज, 'मुख ओ मुखोश' को एक पायनियर कार्य के रूप में मनाया जाता है, जिसने भविष्य की पीढ़ियों के लिए बांग्लादेशी सिनेमा का मार्ग प्रशस्त किया।
काले‑सफेद में शूट की गई यह फ़िल्म धाका में फिल्माई गई और स्थानीय कलाकारों के समूह को दर्शाती है, जिनमें प्रसिद्ध गायक‑अभिनेता काज़ी नज़रुल इस्लाम भी शामिल हैं।
21 फरवरी 1935 को इसकी रिलीज़ पर बड़े दर्शक जुटे और इसने क्षेत्र में बंगाली फ़िल्म उद्योग की नींव रखी।
उत्पादन को सीमित संसाधनों के बावजूद, प्रारंभिक दक्षिण एशियाई फ़िल्म निर्माताओं की तकनीकी और कलात्मक महत्वाकांक्षा को दर्शाया गया।
आज, 'मुख ओ मुखोश' को एक पायनियर कार्य के रूप में मनाया जाता है, जिसने भविष्य की पीढ़ियों के लिए बांग्लादेशी सिनेमा का मार्ग प्रशस्त किया।