📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Internet Archive Book Images
कृषि
असम में बांस उद्योग से आय बढ़ेगी, कहे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
✍️ ThePrint
🗓 19 सित. 2026, 02:31 AM
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांस को असमियों के लिए आय का नया स्रोत बताया, जो रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को तेज करेगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दि प्रिंट को बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध बांस स्थानीय लोगों के लिए आय के नए स्रोत बन रहा है। उन्होंने कहा कि बांस को कम उपज वाले जमीनों पर उगाया जा सकता है, जिससे पारंपरिक फसलों की जगह ली जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी।
सरकार छोटे‑स्तर के प्रोसेसिंग यूनिट और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को फर्नीचर, हस्तशिल्प और बायो‑मैटेरियल जैसे बांस‑आधारित उत्पाद बनाने की कौशल मिल सके। उत्पादकों को बाजारों से जोड़कर एक मूल्य शृंखला तैयार करने का लक्ष्य है, जिससे उगाने वाले और कारीगर दोनों को लाभ हो।
सरमा ने यह भी कहा कि बांस की तेज़ वृद्धि चक्र इसे पर्यावरण‑अनुकूल संसाधन बनाता है, जो असम के सतत विकास और जलवायु लचीलापन के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है। बांस पर यह जोर मौजूदा कृषि पहलों को पूरक करेगा और दूरस्थ जिलों में रोजगार सृजन करेगा।
विस्तृत नीतियों का उल्लेख नहीं किया गया, पर मुख्यमंत्री के बयानों से बांस की आर्थिक संभावनाओं को साकार करने और पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम करने की रणनीतिक दिशा स्पष्ट होती है।
किसान समूह और उद्योग संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है, बांस की बहुमुखी प्रतिभा और घर‑घर में आय बढ़ाने की संभावना को सराहते हुए।
सरकार छोटे‑स्तर के प्रोसेसिंग यूनिट और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को फर्नीचर, हस्तशिल्प और बायो‑मैटेरियल जैसे बांस‑आधारित उत्पाद बनाने की कौशल मिल सके। उत्पादकों को बाजारों से जोड़कर एक मूल्य शृंखला तैयार करने का लक्ष्य है, जिससे उगाने वाले और कारीगर दोनों को लाभ हो।
सरमा ने यह भी कहा कि बांस की तेज़ वृद्धि चक्र इसे पर्यावरण‑अनुकूल संसाधन बनाता है, जो असम के सतत विकास और जलवायु लचीलापन के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है। बांस पर यह जोर मौजूदा कृषि पहलों को पूरक करेगा और दूरस्थ जिलों में रोजगार सृजन करेगा।
विस्तृत नीतियों का उल्लेख नहीं किया गया, पर मुख्यमंत्री के बयानों से बांस की आर्थिक संभावनाओं को साकार करने और पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम करने की रणनीतिक दिशा स्पष्ट होती है।
किसान समूह और उद्योग संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है, बांस की बहुमुखी प्रतिभा और घर‑घर में आय बढ़ाने की संभावना को सराहते हुए।