अवैध चल रहे गोदामों में पुलिस प्रशासन के कार्यवाही के अनुसर 40 गोदामों को सील कर दिया गया था
आबादी क्षेत्र के बीच अवैध चल रहे गोदामों में वापसी कम चालू हो गया अब एक काम वापसी किसकी सहमति से चालू हुआ
संवाददाता जाकिर खान, जयपुर
स्थान.... खो नागोरियन जयपुर
खो नागोरियान में कबाड़ी और कतरन गोदामों के संचालन पर उठे सवाल, प्रशासन की कार्रवाई की मांग
जयपुर | खो नागोरियान
जयपुर के खो नागोरियान थाना क्षेत्र में आबादी के बीच संचालित हो रहे कबाड़ी एवं कतरन गोदामों को लेकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व में पुलिस प्रशासन द्वारा करीब 40 गोदामों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बावजूद इन गोदामों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आबादी क्षेत्र में ऐसे गोदाम किसकी अनुमति से चल रहे हैं और संबंधित विभाग इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?
क्षेत्र में पूर्व में पटाखा फैक्ट्री से जुड़े दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में आबादी क्षेत्र के बीच संचालित कबाड़ी एवं कतरन गोदामों में आग से बचाव के इंतजाम, अग्निशमन उपकरण, वैध अनुमति तथा सुरक्षा मानकों की जांच कराना बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि इन गोदामों को पहले सील किया गया था, तो क्या वर्तमान में उनकी सील और संचालन की स्थिति की दोबारा जांच की गई है? यदि किसी गोदाम को बिना अनुमति या नियमों के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल
आबादी क्षेत्र में संचालित गोदामों की वैधता, भूमि उपयोग, भवन निर्माण एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों की जांच संबंधित सक्षम विभागों द्वारा की जानी चाहिए। नगर निगम प्रशासन से मांग है कि क्षेत्र में संचालित सभी कबाड़ी एवं कतरन गोदामों का सर्वे करवाकर उनके दस्तावेज, अनुमतियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं जांची जाएं। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से प्रमुख मांगे�
स्थान.... खो नागोरियन जयपुर
खो नागोरियान में कबाड़ी और कतरन गोदामों के संचालन पर उठे सवाल, प्रशासन की कार्रवाई की मांग
जयपुर | खो नागोरियान
जयपुर के खो नागोरियान थाना क्षेत्र में आबादी के बीच संचालित हो रहे कबाड़ी एवं कतरन गोदामों को लेकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व में पुलिस प्रशासन द्वारा करीब 40 गोदामों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बावजूद इन गोदामों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आबादी क्षेत्र में ऐसे गोदाम किसकी अनुमति से चल रहे हैं और संबंधित विभाग इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?
क्षेत्र में पूर्व में पटाखा फैक्ट्री से जुड़े दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में आबादी क्षेत्र के बीच संचालित कबाड़ी एवं कतरन गोदामों में आग से बचाव के इंतजाम, अग्निशमन उपकरण, वैध अनुमति तथा सुरक्षा मानकों की जांच कराना बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि इन गोदामों को पहले सील किया गया था, तो क्या वर्तमान में उनकी सील और संचालन की स्थिति की दोबारा जांच की गई है? यदि किसी गोदाम को बिना अनुमति या नियमों के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल
आबादी क्षेत्र में संचालित गोदामों की वैधता, भूमि उपयोग, भवन निर्माण एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों की जांच संबंधित सक्षम विभागों द्वारा की जानी चाहिए। नगर निगम प्रशासन से मांग है कि क्षेत्र में संचालित सभी कबाड़ी एवं कतरन गोदामों का सर्वे करवाकर उनके दस्तावेज, अनुमतियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं जांची जाएं। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से प्रमुख मांगे�